अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के बाद अब फिलिस्तीन की आर्थिक मदद रोकने की चेतावनी दी है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ उन्होंने सिलसिलेवार दो ट्वीट्स में मंगलवार को लिखा, ‘हमने फिलिस्तीन को सालाना लाखों डॉलर की मदद दी. लेकिन बदले में हमें न इसका सम्मान मिला न ही हमारी तारीफ़ की गई. यहां तक कि वे (फिलिस्तीन सरकार) इज़राइल के साथ शांति समझौता भी नहीं करना चाहते.’

ट्रंप ने आगे लिखा, ‘हम शांति वार्ता के सबसे मुश्किल हिस्से यरुशलम को बातचीत की मेज तक लेकर आए. पर फिलिस्तीन ने तब भी कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई. तो फ़िर हम उन्हें भविष्य में इतना भारी-भरकम भुगतान (आर्थिक मदद) क्यों करें?’ इससे पहले संयुक्त राष्ट्र संघ में अमेरिकी राजदूत निक्की हेली ने भी कहा कि फिलिस्तीन अगर शांति वार्ता में हिस्सा नहीं लेता तो अमेरिका उसे दी जाने वाली आर्थिक मदद रोक देगा.

उन्होंने न्यूयॉर्क में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, ‘हम शांति प्रक्रिया शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन अगर यह शुरू नहीं हो पाती तो इस हालत में राष्ट्रपति फंड (फिलिस्तीन के लिए आर्थिक मदद) जारी नहीं करने वाले हैं.’ उनसे पूछा गया था कि यरुशलम को इजराइल की राजधानी घोषित करने संबंधी अमेरिकी प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र संघ में गिर जाने के बाद क्या अमेरिका फिलिस्तीन को आर्थिक मदद जारी रखेगा.

अमेरिकी राष्ट्रपति और हेली की इन प्रतिक्रियाओं के बाद माना जा रहा है कि अमेरिका जल्द ही फिलिस्तीन की भी आर्थिक मदद रोक देगा. ग़ौरतलब है कि दो दिन पहले ट्रंप ने इसी तरह ट्विटर पर ही पाकिस्तान को लेकर टिप्पणी की थी. उन्होंने पाकिस्तान को ‘झूठा, धोखेबाज़ और आतंकियों का पनाहगार’ बताया था. इसके बाद अमेरिकी प्रशासन ने पाकिस्तान को दी जाने वाली 25.5 करोड़ डॉलर यानी 1,624 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद रोक दी थी.