करीब पांच लाख कुशल कामगार जल्द ही अमेरिका से भारत लौट सकते हैं. ऐसा अमेरिकी प्रशासन द्वारा वीज़ा नियमों में संभावित बदलाव के बाद हो सकता है. वहां का होम लैंड सिक्योरिटी विभाग बाहरी कामगारों के लिए जारी किए जाने वाले एच-1बी वीज़ा नियमों में बदलाव करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है.

ख़बरों के मुताबिक़ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘बाय अमेरिकन, हायर अमेरिकन’ नीति के अनुरूप ऐसे एच-1बी वीज़ाधारकों को अवधि विस्तार (एक्सटेंशन) देने से मना किया जा सकता है जो ग्रीन कार्ड की उम्मीद में अमेरिका में रह रहे हैं. अमेरिका में ग्रीन कार्ड उन लोगों को दिया जाता है जो दूसरे देशों से आकर वहां स्थायी रूप से बस जाते हैं. या यूं कह लें कि ऐसे लोगों को ग्रीन कार्ड के जरिए अमेरिका में स्थायी रूप से बसने की अनुमति दे दी जाती है.

अमेरिका में मौज़ूदा नियमों के तहत दूसरे देशों के आए कामगारों को तीन साल के लिए एच-1बी वीज़ा जारी किया जाता है. इसे एक बार तीन साल के लिए ही बढ़ाया जा सकता है. इसी बीच अगर इस छह साल की अवधि में वीज़ाधारक ने ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन कर दिया तो उसके एच-1बी वीज़ा की वैधता अवधि तब तक के लिए अपने आप ही बढ़ जाती है जब तक उसकी अर्ज़ी पर फ़ैसला नहीं हो जाता. ट्रंप प्रशासन इसी नियम में संशोधन कर रहा है.