नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में ‘वन फैमिली, वन कार’ की नीति की मांग करने वाली याचिका को खारिज कर दिया है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार एनजीटी के कार्यवाहक अध्यक्ष यूडी साल्वी की बेंच ने इससे जुड़ी याचिका को अपरिपक्व बताया. हालांकि, एनजीटी ने याचिकाकर्ता को संबंधित प्राधिकरण से संपर्क साधने की इजाजत दे दी है.

रिपोर्ट के मुताबिक याचिकाकर्ता एडवोकेट सजन कुमार सिंह ने ‘वन फैमिली, वन कार’ नीति के आधार पर निजी वाहनों के पंजीकरण की नीति बनाने की मांग की थी. इसके तहत एक परिवार एक ही गाड़ी पंजीकृत करा सकेगा. याचिकाकर्ता के मुताबिक निजी और व्यवसायिक वाहनों के कॉर्बन उत्सर्जन से होने वाली पर्यावरणीय क्षति इंसानी जीवन के लिए खतरा पैदा कर रही है.

याचिका में दिल्ली-एनसीआर में गाड़ियों की बेतहाशा बढ़ती संख्या पर चिंता जताई गई थी. इसमें कहा गया था, ‘दिल्ली में 1981 में 5.13 लाख गाड़ियां थीं जो 2001 में बढ़कर 32.38 लाख हो गई.’ इसके अलावा दिल्ली में प्रति व्यक्ति यात्रा दर भी बढ़ी है. यह 1981 में 0.72 थी जो 2001 में 0.87 हो गई. याचिकाकर्ता के मुताबिक बढ़ते प्रदूषण स्तर की वजह से दिल्ली गैस चेंबर में तब्दील हो चुकी है.