पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीन तलाक पर केंद्र सरकार द्वारा लाए गए विधेयक पर अपनी चुप्पी तोड़ दी है. उन्होंने कहा है कि भाजपा की अगुवाई वाली सरकार यह विधेयक राजनीति से प्रेरित होकर लाई है. पश्चिम बंगाल के बीरभूम में एक सभा के दौरान उनका यह भी कहना था कि यह विधेयक मुस्लिम महिलाओं के हित में नहीं है. ममता बनर्जी के मुताबिक ऐसा नहीं है कि उनकी पार्टी मुस्लिम महिलाओं के अधिकार सुरक्षित नहीं करना चाहती, पर केंद्र के विधेयक में कई खामियां हैं.

तीन तलाक से जुड़े इस विधेयक को लोकसभा ने बीते गुरुवार को पारित किया था. इसमें तीन तलाक को अपराध करार दिया गया है जिसके लिए तीन साल की सजा और जुर्माना हो सकता है. तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने न तो इस पर सदन में हुई बहस में हिस्सा लिया और न ही वोटिंग में, इसलिए पार्टी पर मुस्लिम तुष्टिकरण के आरोप लग रहे थे. पश्चिम बंगाल में मुस्लिम समुदाय की 27 फीसदी आबादी है और उसके एक बड़े हिस्से को तृणमूल समर्थक माना जाता है.