पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को फटकार लगाई है. एनडीटीवी के मुताबिक कोर्ट ने आईएसआई से कहा कि वह देश का मजाक न बनाए. पिछले साल नवंबर में तहरीक-ए-लब्बैक नाम के संगठन के सैकड़ों समर्थकों ने इस्लामाबाद के पास फैजाबाद में तीन हफ्ते तक धरना प्रदर्शन किया था. इस मामले में आईएसआई की भूमिका पर नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने कहा, ‘आप (आईएसआई) एक शीर्ष एजेंसी हैं. देश का मजाक मत बनाइए.’

फैजाबाद में तीन हफ्ते तक चले धरना-प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तान में हिंसा बढ़ती जा रही थी. प्रदर्शनकारी कानून मंत्री जाहिद हामिद पर ईश निंदा का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे. आखिर में सरकार को उनकी मांग माननी पड़ी. इसी धरना-प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट स्वतः संज्ञान लिया था. दो जजों की पीठ ने आईएसआई से सवाल किया कि ऐसे प्रदर्शनों से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आईएसआई के पास कोई सेल है या नहीं, और अगर है तो एजेंसी के लोगों को पता होगा कि प्रदर्शन कर रहे लोग कौन थे और उनके मुद्दे क्या थे.

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा, ‘अगर आईएसआई के प्रतिनिधियों के पास जवाब नहीं है तो क्या हम उसके मुखिया को तलब करके जवाब मांगें?’ बेंच ने यह भी कहा कि आईएसआई पाकिस्तान के लोगों के लिए कुछ नहीं कर रही . उसने कहा कि पाकिस्तान सेना नहीं बल्कि आम लोगों के संघर्ष की वजह से वजूद में आया था.