कनाडा में ऐसे ग्लोब बेचे जा रहे हैं जिनमें जम्मू-कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश को भारत से अलग दिखाया गया है. हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक इससे वहां रह रहे भारतीय मूल के लोग चिंतित हैं. बताया जा रहा है कि ऐसे अब तक तीन मामले सामने आए हैं जिनमें से दो में पाया गया कि ये ग्लोब चीन में बने हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक टोरंटो के मैल्टन इलाके में रह रही छह साल की अश्मिता ने अपने पिता संदीप देसवाल से तोहफे में ग्लोब मांगा था. संदीप उसके लिए मॉल से ग्लोब खरीद कर लाए. बाद में उन्होंने इसे गौर से देखा तो पाया कि इसमें जम्मू-कश्मीर भारत से अलग दिख रहा है. संदीप के मुताबिक भारत के नक्शे के गलत चित्रण से भारतीय मूल के बच्चों पर गलत प्रभाव पड़ेगा. उन्होंने कहा, ‘अगर हम उसे (बेटी को) नहीं बताएंगे कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है तो उसके दिमाग में भारत की अलग तस्वीर बनेगी. अगली पीढ़ी कुछ और सोचेगी.’

दिसंबर के बाद से यह तीसरा मामला है जब कनाडा में रह रहे भारतीय मूल के किसी व्यक्ति ने भारत के नक्शे को लेकर शिकायत की है. इससे पहले दो और मामले सामने आए थे. टोरंटो विश्वविद्यालय में प्रोफेसर साधना जोशी के हाथों में ऐसा ही ग्लोब आया था. उसमें जम्मू-कश्मीर को ‘विवादित क्षेत्र’ बताया गया था. इससे पहले रिटेल कंपनी कॉस्टको की एक दुकान में भी ऐसा ही ग्लोब मिला था. उसमें जम्मू-कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश को भारत के नक्शे से अलग दिखाया गया था. यह ग्लोब भी चीन में बना था.

इन ग्लोबों ने भारतीय मूल के कनाडाई लोगों को चिंता में डाल दिया है. वे दुकानदारों को इस बारे में जागरूक कर रहे हैं. इसके लिए सोशल मीडिया का सहारा भी लिया जा रहा है. इसका असर यह रहा हुआ है कि कॉस्टको ने बाजार में मौजूद बाकी ग्लोबों को वापस ले लिया है. वहीं, एक और बड़े रिटेलर होमसेंस ने अपने उत्पाद की समीक्षा के लिए उसे शिकायत विभाग में भेज दिया है.