महाराष्ट्र पुलिस ने भीमा कोरेगांव हिंसा के मामले में गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी और जेएनयू के छात्र नेता उमर खालिद के खिलाफ मामला दर्ज किया है. द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार पुलिस ने इन पर 31 दिसंबर को पुणे के शनिवारबाड़ा में आयोजित यलगार परिषद की बैठक में भड़काऊ भाषण देकर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप लगाया है.

पुलिस ने एफआईआर में जिग्नेश मेवाणी और उमर खालिद के कथित भड़काऊ भाषणों का जिक्र किया है. इसके मुताबिक जिग्नेश मेवाणी ने कहा था, ‘नव पेशवाई के आगे अगर हमें जीतना है तो भीमा कोरेगांव की इस लड़ाई को लेकर आगे ले जाना है...मैं मानता हूं कि जनता की लड़ाई लड़ने वाले गुजरात और महाराष्ट्र की विधानसभा और संसद में होने चाहिए. लेकिन जाति निर्मूलन तो सड़कों की लड़ाई से होगा...एक वर्ग पर जो दूसरे वर्ग का शासन है तो वह सड़कों की लड़ाई से खत्म होगा.’ वहीं, उमर खालिद ने कहा था, ‘भीमा कोरेगांव की इस घटना को आने वाला कल बना सकते हैं...नव पेशवाई को खत्म करना ही भीमा कोरेगांव के शहीदों को श्रद्धांजलि होगी.’

भीमा कोरेगांव युद्ध की 200वीं वर्षगांठ पर पुणे में यलगार परिषद की बैठक हुई थी. इसमें जिग्नेश मेवाणी, उमर खालिद, रोहित वेमुला की मां राधा वेमुला, सामाजिक कार्यकर्ता सोनी सोरी, भीम आर्मी के विनय रतन सिंह और डॉ बीआर अंबेडकर के पोते प्रकाश अंबेडकर भी शामिल हुए थे.