अमेरिका से मिलने वाली किसी भी तरह की आर्थिक मदद से पाकिस्तान को पूरी तरह हाथ धोने पड़ सकते हैं. इस बारे में अमेरिकी प्रशासन की तरफ से जल्दी ही औपचारिक घोषणा हो सकती है. आर्थिक मदद को रोके जाने के इन कयासों के पीछे संयुक्त राष्ट्र संघ में अमेरिकी राजदूत निक्की हेली द्वारा बुधवार को दिया एक बयान है. इसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका पाकिस्तान को दी जाने वाली हर आर्थिक सहायता को रोकने की सोच रहा है. मंगलवार को एक सवाल के जवाब में व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी साराह सैंडर्स ने भी पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई थी. उन्होंने कहा था कि प्रशासन इस पर काम कर रहा है.

आतंकवाद से लड़ाई के मोर्चे पर अमेरिका लगातार पाकिस्तान पर दबाव बनाए हुए है. अफगानिस्तान में आतंकवादियों के हाथों अमेरिकी सेना के जवान की हत्या से नाराज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2018 के पहले ही दिन एक ट्वीट में पाकिस्तान को दी गई अरबों डॉलर की मदद पर सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा था कि अब पाकिस्तान की और आर्थिक मदद नहीं की जा सकती. उनका कहना था कि अरबों डॉलर की मदद के बदले में अमेरिका को पाकिस्तान से झूठ और धोखे के सिवाय कुछ नहीं मिला है. इसके बाद अमेरिका ने अपने इस करीबी सहयोगी के लिए प्रस्तावित 25.5 करोड़ डॉलर की आर्थिक मदद भी रोक दी थी.