बहुचर्चित चारा घोटाले से जुड़े देवघर कोषागार मामले में दोषियों की सजा का ऐलान एक बार फिर टल गया है. रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने इस मामले में 23 दिसंबर को राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव सहित 15 लोगों को दोषी ठहराया था. अदालत इस मामले में बुधवार को ही सजा सुनाने वाली थी, लेकिन रांची के दो अधिवक्ताओं के निधन की वजह से इसे गुरुवार तक के लिए टाल दिया था. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक गुरुवार को अदालत ने सजा का ऐलान शुक्रवार तक के लिए टाल दिया है.

देवघर कोषागार मामला 1991 से 1994 के बीच अवैध तरीके से 89.27 लाख रुपये निकालने से जुड़ा है. अदालत ने इस मामले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा सहित सात लोगों को बरी कर दिया था. हालांकि, दोषी ठहराए जाने के बाद से राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव झारखंड के बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में बंद हैं.

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को इससे पहले 2013 में चारा घोटाले के चाईबासा कोषागार मामले में पांच साल की सजा हो चुकी है. यह मामला 37.7 करोड़ रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा था. अदालत ने उन पर 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था. हालांकि, राजद प्रमुख को दो महीने बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत भी मिल गई थी.