अमेरिका ने पाकिस्तान को मिलने वाली सुरक्षा संबंधी आर्थिक मदद पर रोक लगा दी है. अमेरिका ने कहा है कि यह रकम पाकिस्तान को तब तक नहीं मिलेगी जब तक वह अपने यहां चल रही आतंकी गतिविधियों पर कार्रवाई नहीं करता. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि यह कोई स्थायी कटौती नहीं है. उसने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि पाकिस्तान आतकंवादियों और आतंकी संगठनों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करेगा.’

हालांकि अमेरिका ने यह नहीं बताया कि पाकिस्तान को उसकी सुरक्षा संबंधी आर्थिक मदद वापस बहाल करने के लिए क्या कार्रवाई करनी होगी. यह पूछे जाने पर कि आर्थिक मदद का कितना हिस्सा रोका गया है विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हीथर नोएर्ट ने कहा, ‘हम अभी इस पर विचार कर रहे हैं.’

कहा जा रहा है कि रोकी गई मदद का आंकड़ा 1.15 अरब डॉलर से ज्यादा है. आर्थिक मदद रोकने से संबंधित ज्ञापन में अमेरिका ने कहा, ‘यह फैसला राष्ट्रपति के निष्कर्ष को दिखाता है कि पाकिस्तान ने (आतंकवाद को लेकर) निर्णायक फैसला नहीं लिया है. अमेरिका ने उससे अपील की थी और पाकिस्तान के नेताओं ने वादा किया था कि आतंकवादियों और आतंकी समूहों पर कार्रवाई होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.’

इससे पहले अमेरिका ने पाकिस्तान को दी जाने वाली 25.5 करोड़ डॉलर की सैन्य मदद भी रोक दी थी. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कुछ दिनों से पाकिस्तान को ट्विटर पर फटकार लगा रहे थे जिसके चलते माना जा रहा था कि अमेरिका कोई बड़ा कदम उठा सकता है. बुधवार को संयुक्त राष्ट्र संघ में अमेरिकी राजदूत निक्की हेली ने कहा भी था कि अमेरिका पाकिस्तान को दी जाने वाली हर आर्थिक सहायता को रोकने की सोच रहा है. उससे पहले मंगलवार को वाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी साराह सैंडर्स ने भी पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई थी. उन्होंने कहा था कि प्रशासन इस पर काम कर रहा है.