उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने सरकारी दफ़्तरों में मीडिया के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है. राज्य के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने बीती 27 दिसंबर एक तीन पेज का आदेश जारी किया है. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक़ आदेश में कहा गया है, ‘सरकारी विभागों के कार्यालयों/शाखाओं में अनधिकृत व्यक्तियों/पत्रकारों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाता है. सरकारी दफ़्तरों में निजी काम से आने वाले किसी व्यक्ति को कार्यालय परिसर में अधिकारियों या स्टाफ के अन्य सदस्यों से मिलने की इजाज़त भी नहीं होगी.’

ख़बर के अनुसार मुख्य सचिव का यह पत्र सभी विभागीय अतिरिक्त सचिवों, प्रमुख सचिवों और प्रमुख सचिवों को भेजा गया है. आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर किसी ‘अहम मसले’ पर अगर अधिकारियों/कर्मचारियों को बाहरी व्यक्ति से मिलना आवश्यक ही हो तो वे दफ़्तर के बाहर रिसेप्शन में मुलाक़ात करें.’ सूत्रों के मुताबिक़ इस आदेश में ख़ास तौर पर यह उल्लेख किया गया है कि राज्य ‘मंत्रिमंडल की बैठकों का एजेंडा मीडिया में पहले कई बार लीक हो चुका है. यह दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक है. इससे मंत्रिमंडल में लिए जाने वाले निर्णयों पर असर पड़ता है.’

आदेश में आगे कहा गया है, ‘मंत्रिमंडल ने इस बात ख़ास आपत्ति जताई है कि पूर्व में दिए गए निर्देशों (गोपनीयता संबंधी) का पालन (सरकारी अधिकारियों) द्वारा नहीं किया जा रहा है. लिहाज़ा अब तय किया गया है कि अगर मंत्रिमंडल के सामने विचार के लिए लाया जाने वाला कोई भी विषय या प्रस्ताव मंत्रिमंडलीय बैठक से पहले मीडिया में प्रकाशित हुआ तो तुरंत उसकी जांच कराई जाएगी. जांच कराने की ज़िम्मेदारी अतिरिक्त सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव/प्रभारी सचिव की होगी. जांच के बाद वे मुख्य सचिव को सूचित करेंगे कि ख़बर लीक कहां से हुई है. किसने की है.’

मुख्य सचिव ने इस आदेश का बचाव भी किया है. उन्होंने गुरुवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, ‘हम चाहते हैं कि आपको प्रमाणिक जानकारी मिले. हम नहीं चाहते कि आपको (मीडिया के लोगों को) अनावश्यक मेहनत करनी पड़े. इसके लिए यह भी तय किया गया है कि सूचना विभाग के निदेशक रोज शाम चार बजे हर उन महत्वपूर्ण मसलों पर मीडिया को जानकारी दिया करेंगे जिन्हें सरकार सार्वजनिक करना चाहती है.’