भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) बचत बैंक खातों के लिए तय मिनिमम बैलेंस (न्यूनतम राशि) के आंकड़े को 3000 से घटा कर 1000 रुपये कर सकता है. संभव है कि आने वाले दिनों में वह औसत मिनि​मम बैलेंस की गणना भी एक महीने के बजाय तीन महीनों के आधार पर करे.

द टाइम्स आॅफ इंडिया’ ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि तय रकम बरकरार न रखने के एवज में वसूले जाने वाले 25 से 100 रुपये तक के मौजूदा शुल्क में कटौती पर भी बैंक विचार कर रहा है. इसे 20 से 50 रुपये तक किया जा सकता है. मिनिमम बैलेंस और पेनल्टी को कम करने पर बैंक के लाभ पर क्या और कितना असर पड़ेगा, इन बातों की फिलहाल समीक्षा की जा रही है. इसके बाद बैंक की तरफ से कोई घोषणा की जा सकती है.

पिछले दिनों खबर आई थी कि मिनिमम बैलेंस बरकरार न रख पाने वाले खाता धारकों पर पेनल्टी लगाकर एसबीआई ने अप्रैल से नवंबर 2017 के बीच 1772 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया था. इसके बाद से ही सरकार ने इस नीति की समीक्षा के लिए बैंक पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था.