लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने के साथ शुक्रवार को संसद का शीतकालीन सत्र समाप्त हो गया. राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने बताया कि शीतकालीन सत्र में उच्च सदन ने नौ विधेयक पारित किए. हालांकि, तीन तलाक को अपराध घोषित करने वाला मुस्लिम महिला (वैवाहिक अधिकार संरक्षण) विधेयक-2017 पारित नहीं हो पाया. विपक्ष तीन तलाक देने पर सजा के प्रावधान का विरोध करते हुए इसे संसद की स्थायी समिति को सौंपने की मांग कर रहा था, जिसे सरकार ने नहीं माना.

विपक्ष को तीन तलाक विधेयक में तीन साल की सजा के प्रावधान पर आपत्ति है. विपक्षी दलों का कहना है कि अगर तीन तलाक देने के बाद कोई व्यक्ति जेल चला गया तो उसकी पत्नी और परिवार की देखभाल कौन करेगा या पत्नी को गुजारा भत्ता कौन देगा? शुक्रवार को इस विधेयक पर राज्यसभा में चर्चा होने की उम्मीद थी. इसे देखते हुए भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने सांसदों को सदन में मौजूद रहने का व्हिप जारी किया था. हालांकि, विपक्ष ने फिर इस विधेयक को सिलेक्ट समिति को सौंपने की मांग की, जिसे सरकार ने नहीं माना. इसी गतिरोध के साथ राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई.

शीतकालीन सत्र में लोकसभा में राज्यसभा से ज्यादा कामकाज हुआ. यह कुल 16 विधेयक पेश हुए और तीन तलाक सहित 12 विधेयक पारित किए गए. यह जानकारी देते हुए लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी. शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में मौजूद रहे.