गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी ने पुणे में भड़काऊ भाषण देने के आरोपों को खारिज किया और इससे जुड़ी एफआईआर के लिए भाजपा पर निशाना साधा. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक शुक्रवार को जिग्नेश मेवाणी ने कहा, ‘भाजपा मुझसे डरी हुई है. वे गुजरात चुनाव परिणाम की वजह से मुझ पर निशाना साध रहे हैं.’ उन्होंने आगे कहा कि पुणे में उनके भाषण का एक भी शब्द भड़काऊ नहीं था. महाराष्ट्र पुलिस ने भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में गुरुवार को जिग्वेश मेवाणी और जेएनयू के छात्र नेता उमर खालिद के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने का मामला दर्ज किया था.

पुणे के भीमा कोरेगांव में हिंसा के बाद महाराष्ट्र बंद को लेकर जिग्नेश मेवाणी ने कहा, ‘हम जातिविहीन भारत चाहते हैं. लेकिन क्या दलितों को भीमा कोरेगांव की 200वीं वर्षगांठ की याद में शांतिपूर्ण रैली करने की इजाजत नहीं होनी चाहिए?’ उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दलितों के उत्पीड़न पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए.

जिग्वेश मेवाणी ने नौ जनवरी को दलितों और अन्य समुदायों के उत्पीड़न के खिलाफ दिल्ली में युवा अहंकार रैली करने की भी घोषणा की. एक जनवरी को पुणे के भीमा कोरेगांव में हिंसा के बाद महाराष्ट्र में लगातार कई विरोध प्रदर्शन हुए. इसे देखते हुए गुरुवार को महाराष्ट्र पुलिस ने जिग्वेश मेवाणी को मुंबई में रैली करने की इजाजत नहीं दी थी.