केंद्रीय मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय के लिए फर्जी शिक्षकों की पहचान करने में बायोमीट्रिक पहचान संख्या (आधार) कारगर रही है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार शुक्रवार को केंद्रीय एचआरडी मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, ‘ऐसे घोस्ट टीचर्स (जो आंकड़ों में हैं, लेकिन असलियत में नहीं) बहुत हैं. वे फर्जी तरीकों से एक से ज्यादा जगहों पर पूर्णकालिक आधार पर पढ़ा रहे हैं. आधार संख्या को लाने के बाद ऐसे 80 हजार शिक्षकों की पहचान की गई है.’

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी केंद्रीय विश्वविद्यालय में ऐसे फर्जी शिक्षक नहीं पकड़े गए हैं. उनके मुताबिक ऐसे शिक्षकों की राज्यों के कुछ विश्वविद्यालयों और निजी विश्वविद्यालयों में शिनाख्त की गई है. केंद्रीय मंत्री ने आगे यह कहा कि मंत्रालय जल्द ऐसे शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करेगा.

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सभी विश्वविद्यालयों को अपने कर्मचारियों और छात्रों से आधार संख्या लेने का निर्देश दिया है, ताकि ऐसे दोहराव को रोका जा सके. हालांकि, इससे आधार से जुड़ी सूचनाओं की सुरक्षा का सवाल उठाया जा रहा है. इस पर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, ‘आधार नंबर बताना किसी को अपना मोबाइल नंबर बताने जैसा है. मोबाइल नंबर बताने से कोई आपके मोबाइल के मैसेज को नहीं देख लेता है. आधार भी इसी तरह काम करता है.’ केंद्रीय मंत्री के मुताबिक आधार पूरी तरह सुरक्षित है.