बीते साल 29 दिसंबर को मुंबई के कमला मिल्स कंपाउंड में लगी आग के मामले में एक नया मोड़ आ गया है. फायर ब्रिगेड ने प्राथमिक जांच में पाया है कि आग लगने की शुरुआत मोजो बिस्त्रो रेस्तरां से हुई थी जहां कुछ मेहमानों को हुक्का परोसा गया था. प्रत्यक्षदर्शियों से फायरब्रिगेड को पता चला है कि हुक्के में इस्तेमाल लकड़ी के कोयले से निकली चिंगारियां अति ज्वलनशील पर्दों और अन्य सजावटी सामान तक पहुंची थीं जिनसे लगी आग तेज हवा से फैलती चली गई.

मुंबई के नगर आयुक्त अजय मेहता ने कहा है कि फायर बिग्रेड ने प्राथमिक जांच रिपोर्ट उन्हें शुक्रवार को सौंप दी है. उन्होंने बताया कि इसी के आधार पर विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार की जाएगी. स्थानीय पुलिस भी अब जांच की अपनी दिशा बदलेगी हालांकि इस मामले में पहले ही वन अबव रेस्तरां के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज हो चुकी है. ताजा रिपोर्ट के आधार पर दोनों रेस्तरांओं के खिलाफ अनधिकृत निर्माण और लाइसेंस न होने के बावजूद ​हुक्का परोसे जाने के मामले भी दर्ज किए जाएंगे.

आग लगने के इस भीषण हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई थी. इसके बाद से ही वन अबव रेस्तरां के मालिक कृपेश मनसुखलाल सांघवी, जिगार सांघव और ​अभिजीत मंकड़ फरार हैं. पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक उनकी सूचना देने वाले के लिए एक लाख रुपये ईनाम की घोषणा की गई है. शहर में ऐसे हादसे दुबारा न हों इसके लिए पुलिस कड़े बंदोबस्त कर रही है.