उत्तर प्रदेश में आलू के सही दाम न मिलने से नाराज किसानों ने शनिवार को विधान भवन के सामने प्रदर्शन किया. इस दौरान उन्होंने कई टन आलू वहां फेंक दिए. यही काम उन्होंने मुख्यमंत्री आवास और राजभवन के सामने किया. किसानों का कहना है कि आलू के दाम चार रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं जिससे लागत तक नहीं निकल पा रही. उनकी मांग है कि प्रदेश सरकार आलू का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर इसे 10 रु प्रति किलो करे.

मंडी में आलू लाने वाले किसान के लिए सही कीमत न मिलने पर उसे ढोकर वापस ले जाना भी दोहरी मार जैसा होता है. इसलिए उसका कहीं भी आलू फेंक देना आम बात हो चली है. कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश के कई जिलों में प्रशासन ने किसानों को ऐसा न करने के निर्देश दिए थे. उसका कहना था कि अगर किसी ने अपने आलू को सड़क या फिर बस्ती के आसपास फेंका तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उसके बाद भी किसान नहीं मान रहे. उधर, राष्ट्रीय लोकदल ने इस मुद्दे पर 16 जनवरी को लखनऊ में धरना प्रदर्शन का ऐलान किया है.