भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा तैयार नया सैटेलाइट जल्द ही लॉन्च होने जा रहा है. यह भारत में तैयार अब तक का सबसे वजनी सैटेलाइट है. एनडीटीवी के मुताबिक करीब छह टन वजन वाला संचार सैटेलाइट जीसैट-11 लॉन्च होने के बाद सरकार के ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान को आगे बढ़ाने में खासा मददगार साबित होगा.

इस भारी-भरकम सैटेलाइट को अंतरिक्ष में स्थापित करने लायक क्षमता का रॉकेट फिलहाल इसरो के पास नहीं है इसलिए इसे फ्रैंच गयाना से यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) के एरियान-5 रॉकेट के जरिए लॉन्च किया जाएगा. इसरो के अनुसार फिलहाल जीसैट-11 को प्रक्षेपण केंद्र भेजने की तैयारियां चल रही हैं.

इस सैटेलाइट को करीब 500 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है. कहा जा रहा है कि भारत ने अब तक जितने संचार सैटेलाइट छोड़े हैं, अकेले जीसैट-11 की क्षमता उन सबके बराबर है. यह इंटरनेट सेवाएं देने वाला देश का पहला सैटेलाइट होगा और माना जा रहा है कि भारत में सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सेवाओं के विस्तार में इससे क्रांतिकारी बदलाव आएगा. सरकार की योजना के मुताबिक इसके जरिए ग्राम पंचायत स्तर तक इंटरनेट सेवाओं को मजबूती दी जाएगी.

देश के लगभग सभी मोबाइल बैंकिंग एप एक खतरनाक वायरस के निशाने पर आए

इंटरनेट और सॉफ्टवेर की सुरक्षा से जुड़ी कंपनी ‘क्विकहील’ ने एक बड़ा खुलासा किया है. कंपनी के अनुसार भारत सहित दुनिया की करीब 232 बैंकों के मोबाइल एप्स को एक खतरनाक मैलवेयर ने अपनी चपेट में लिया है. शुक्रवार को क्विकहील ने अपने ब्लॉग में लिखा, ‘हाल ही में एक नया मैलवेयर सामने आया है जिसका नाम ‘एंड्रॉइड डॉट बैंकर डॉट ए9480’ है. यह ख़ास तौर पर बैंकिंग एप को निशाना बना रहा है.’

खबरों के अनुसार इस मैलवेयर ने भारत में जिन बैंकों के एप्स को अब तक निशाना बनाया है उनमें आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी, एक्सिस बैंक, एसबीआई, आईडीबीआई बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और यूनियन बैंक के कई एप शामिल हैं. क्विकहील के मुताबिक इस मैलवेयर से बिटकॉइनियम, कॉइनपेमेंट और बिट फिनेक्स जैसी 20 से अधिक क्रिप्टोकरेंसी एप्स भी प्रभावित हुए हैं. (विस्तार से पढ़ें)

विंडोज़ और एंड्रॉयड के बाद अब आईफोन पर भी हैकिंग का खतरा मंडराया

माइक्रोसॉफ्ट और गूगल के बाद अब आईफोन निर्माता कंपनी एपल ने भी अपने उत्पादों के ‘मेल्टडाउन’ और ‘स्पेक्टर’ बग के प्रभाव में आने की बात कही है. शुक्रवार को कंपनी ने एक बयान जारी कर यह जानकारी दी है. कंपनी के अनुसार हाल ही में सामने आए ‘मेल्टडाउन’ और ‘स्पेक्टर’ नाम के बग से बीते दशक में बने सभी मैक और आईओएस डिवाइस प्रभावित हैं. एपल ने आगे कहा, ‘यह समस्या मॉडर्न प्रोसेसर्स में है, लेकिन हमें अभी तक कस्टमर्स से शिकायतें नहीं मिली हैं.’

एपल ने इस समस्या का तत्काल समाधान भी दिया है. उसके अनुसार कंपनी ने यह मामला सामने आने के बाद अपने सभी कंप्यूटर, एपल टीवी, आईफोन और आईपैड के लिए सिक्योरिटी अपडेट जारी कर दिया है जो ‘मेल्टडाउन’ के खतरे को खत्म करेगा. कंपनी ने यह भी बताया है कि इस समस्या से उबरने के लिए ही वह जल्द अपने सफारी वेब ब्राउजर के लिए भी सिक्योरिटी अपडेट जारी करेगी. इसके अलावा एपल ने अपने यूजर्स को एपल स्टोर या किसी ट्रस्टेड सोर्स से ही एप्स डाउनलोड करने की सलाह भी दी है.

इससे पहले बुधवार को गूगल ने बताया था कि इंटेल, एएमडी और एआरएम जैसे नामी प्रोसेसर्स में कुछ खामियों के चलते दो तरह के बग (‘मेल्टडाउन’ और ‘स्पेक्टर’) सामने आए हैं. गूगल ने अपने सिक्योरिटी ब्लॉग में लिखा है कि जिन डिवाइस में इन प्रोसेसर्स का इस्तेमाल किया गया है उन सभी पर खतरा मंडरा रहा है. उसके अनुसार इन बग्स के जरिए हैकर्स किसी भी कंप्यूटर की संवेदनशील जानकारियां आसानी से हासिल कर सकते हैं. इन जानकारियों में पासवर्ड्स, एनक्रिप्टेड कीज और ऐप से जुड़ी जानकारियां हो सकती हैं.

इस खबर के तुरंत बाद ही माइक्रोसॉफ्ट ने अपने विंडोज 7, विंडोज 8.1 और विंडोज 10 ऑपरेटिंग सिस्टम्स के लिए एक इमरजेंसी सिक्योरिटी अपडेट जारी किया था. कंपनी ने अपने यूजर्स को विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ-साथ कंप्यूटर निर्माता द्वारा जारी किया गया फर्मवेयर भी अपडेट करने की सलाह दी है.