अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि पाकिस्तान के खिलाफ उसके सख्त कदमों का सिलसिला अभी और आगे जाएगा. डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि अब ‘कुछ नया’ करने का वक्त आ गया है. कुछ नया के तहत हालांकि क्या और कैसी कार्रवाई की जाएगी, इसका खुलासा फिलहाल नहीं किया गया है. बीते हफ्ते शनिवार को भी ‘वॉशिंगटन’ ने कहा था कि पाकिस्तान में चल रहे आतंकवादी गुटों को खत्म करने के लिए वह ‘हर विकल्प’ पर विचार कर रहा है. इस अधिकारी ने कहा कि 2001 में न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले के बाद से पाकिस्तान को लेकर अमेरिका की जो नीतियां रही हैं वे सफल नहीं रहीं.

साल 2018 के पहले दिन से ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुख को देखकर लगता है कि अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ आर-पार की लड़ाई चाहता है. इससे पहले उसने आतंकवाद से जंग में पाकिस्तान को असफल बताकर उसकी कड़ी निंदा की थी. फिर ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान को दी जाने वाली 25.5 करोड़ डॉलर की आर्थिक सहायता पर रोक लगाई और इसके बाद खबर आई कि दो अरब डॉलर की सैन्य सहायता के मामले में भी ऐसा ही होगा.

ट्रंप प्रशासन के अधिकारी के मुताबिक पाकिस्तान में आतंकवादी समूहों का पोषण हो रहा है. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका को अफगानिस्तान के हालात में सुधार लाना है तो इस बात की अनदेखी नहीं की जा सकती. अधिकारी के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति अफगानिस्तान में स्थिरता लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इसे लेकर कोई अस्पष्टता नहीं है.

बीते हफ्ते अमेरिका के सुरक्षा सचिव जिम मैटिस ने कहा था कि पाकिस्तान यदि अपने यहां सक्रिय आतंकियों का सफाया करता है तो उसकी आर्थिक मदद फिर शुरू की जा सकती है. इस्लामाबाद ने लेकिन इस दिशा में अब तक कोई कदम नहीं उठाया है. उधर, वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए एक साक्षात्कार में पाकिस्तानी विदेश मंत्री ख्वाजा आफिस, अमेरिकी-पाक दोस्ती पर सवालिया निशान जरूर उठा चुके हैं.