नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने 2018-19 के लिए पेश होने वाले आम बजट के लोकलुभावन होने की संभावना को खारिज किया है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार उन्होंने कहा कि दूसरों से अलग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कभी भी लोकलुभावन बजट की इजाजत नहीं दी है. राजीव कुमार ने आगे कहा, ‘मोदी सरकार दूसरों की तरह वोट लेने के लिए बजट नहीं पेश करती है. आपको इस बार भी यही उम्मीद करनी चाहिए.’ नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने आगे कहा कि इस बार बजट में उन क्षेत्रों में ध्यान दिया जाएगा, जिससे जनकल्याण के स्तरों में सुधार लाया जा सके.

नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि इस बार पेश होने वाले बजट में प्राथमिक स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, ढांचागत और अर्थव्यवस्था की उत्पादक क्षमता बढ़ाने वाले क्षेत्रों पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जाएगा. रिपोर्ट के मुताबिक संसद में बजट सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जनवरी को देश के 30 शीर्ष अर्थशास्त्रियों के साथ बैठक करेंगे. इसमें वित्त मंत्री अरुण जेटली, नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत, नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार, प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार समिति के अध्यक्ष बिबेक देबरॉय और अन्य सदस्य के शामिल होने की उम्मीद है.

संसद का बजट सत्र इस बार 29 जनवरी से शुरू होने जा रहा है. इसी दिन आर्थिक सर्वे पेश किया जाएगा. दो चरणों वाले बजट सत्र का पहला चरण नौ फरवरी तक चलेगा, जबकि दूसरे चरण के लिए पांच मार्च से छह अप्रैल तक का समय तय किया गया है. सरकार ने इस बारे में बीते हफ्ते अधिसूचना जारी की है.