चीन ने भारत पर आरोप लगाया है कि उसकी वजह से ही अमेरिका ने पाकिस्तान को दी जाने वाली सैन्य और आर्थिक सहायता रोकी है. चीनी सरकार का मुखपत्र माने जाने वाले ‘द ग्लोबल टाइम्स’ में प्रकाशित संपादकीय में तीखे शब्दों में कहा गया है कि बीते कुछ वर्षों में बदली भारतीय विदेश नीति केवल अपना हित ही देख रही है. अखबार के मुताबिक इससे क्षेत्रीय टकराव बढ़ सकता है इसलिए जरूरी है कि भारत अपने पड़ोसी देशों के हितों का भी ख्याल रखे.

दूसरी तरफ चीन ने पाकिस्तान से आग्रह किया है कि वह अपने हितों की पूर्ति के लिए अमेरिका के बजाय अब चीन और रूस जैसे देशों की तरफ कदम बढ़ाए. अमेरिका की तरफ से पाकिस्तान को आतंकवादियों की पनाहगाह बताने के मामले पर चीन पहले ही उसे खुला समर्थन दे चुका है. इस मुद्दे पर उसने पाकिस्तान की पीठ थपथपाते हुए बीते हफ्ते उसके प्रयासों को सार्थक करार दिया था. उसने विश्व समुदाय से भी पाकिस्तान के प्रयासों की कद्र करने की अपील भी की थी.

इस साल की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अरबों डॉलर की मदद पाने के बावजूद आतंकवाद से लड़ाई में पाकिस्तान को असफल बताया था. इसके बाद से दोनों देशों के बीच जुबानी जंग जारी है. दूसरी तरफ इस मामले में पैनी नजर के साथ भारत ने कोई औपचारिक टिप्पणी न करके तटस्थता बनाई हुई है. जानकारों का मानना है कि यह स्थिति चीन को रास नहीं आ रही. उनके मुताबिक इसलिए पाकिस्तान की मदद रोके जाने का सीधा आरोप भारत पर लगाकर चीन उसे मामले में घसीटना चाहता है.