इस साल की तीसरी तिमाही में आईटी सेक्टर के नतीजे उम्मीद के मुताबिक़ नहीं रहने की संभावना जताई जा रही है. इसकी वजह है बैंकिंग और रिटेल सेक्टर में आई मंदी. माना जा रहा है कि टीसीएस, इन्फोसिस, विप्रो और टेक महिंद्रा जैसे क्षेत्र के सभी बड़े दिग्गजों को इस मंदी का असर झेलना पड़ सकता है.

देश की आईटी कंपनियों की बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा क्षेत्र पर काफी निर्भरता है. मिसाल के तौर पर इन्फोसिस की आय का लगभग 33 फीसदी हिस्सा इन्हीं क्षेत्रों से आता है. जाहिर सी बात है कि इन क्षेत्रों की मंदी का असर इन पर पड़ना ही पड़ना है.

बैंकिंग सेक्टर पिछले एक साल से मंदी का सामना कर रहा है. कई बड़े नाम अभी खर्च के मामले में हाथ रोककर चल रहे हैं. उधर, रिटेल सेक्टर भी दबाव में है. अमेज़न और फ़्लिपकार्ट से गलाकाट प्रतिस्पर्धा ने कई ई-कॉमर्स कंपनियों को दिवालिया होने के कगार पर पहुंचा दिया है. इसके चलते आईटी कंपनियों के लिए मांग सुस्त है. साफ है कि पहले से ही अपने सबसे बड़े बाजार अमेरिका में टैक्स और वीजा नीति में हो रहे बदलावों से परेशान आईटी क्षेत्र को दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है.