संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ पर विवाद और राजनीति दोनों जारी है. इस फिल्म का नाम ‘पद्मावत’ किए जाने पर सहमति बनने के बाद इस महीने की 25 तारीख़ को इसे रिलीज़ करने का फ़ैसला हुआ है. लेकिन इसके बाद भी राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा है कि फिल्म को राज्य के सिनेमाघरों में दिखाने की इजाज़त नहीं दी जाएगी.

इंडिया टुडे के मुताबिक़ वसुंधरा के कार्यालय से जारी विज्ञप्ति में कहा गया, ‘रानी पद्मिनी का त्याग और बलिदान सबके लिए गौरव का विषय है. पद्मिनी का दर्ज़ा सिर्फ़ इतिहास तक सीमित नहीं है. यह इससे आगे की बात है. इसलिए गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया से कहा जाएगा कि राज्य में ‘पद्मावत’ की रिलीज़ रोकने के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाए जाएं.’

ग़ौरतलब है कि रानी पद्मिनी के जीवन और जौहर पर आधारित फिल्म ‘पद्मावती’ को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है. राजपूत संगठनों का आरोप है कि फिल्म में रानी पद्मिनी का चरित्र चित्रण उनकी गरिमा के अनुरूप नहीं किया गया है. इस विवाद के बाद सेंसर बोर्ड ने भी फिल्म काे प्रमाण पत्र जारी करने से मना कर दिया था.

तमाम झमेले के चलते एक दिसंबर को फिल्म की रिलीज़ टल गई. फिर केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने ‘पद्मावती’ में बताए गए ऐतिहासिक तथ्यों के परीक्षण के लिए एक पैनल बनाया. बोर्ड ने फिल्म के नाम परिवर्तन सहित इसमें कुछ संशोधन भी सुझाए, जिन्हें फिल्म निर्माताओं ने मान लिया. तब कहीं इसे सेंसर बोर्ड की हरी झंडी मिली.