बिहार में यूं तो विधानसभा के चुनाव 2020 में होने हैं. लेकिन राज्य में सरकार चला रहे जनता दल- यूनाइटेड (जद-यू) के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी के एक बयान ने यहां समय से पहले चुनाव की अटकलों को हवा दे दी है.

द फाइनेंशियल एक्सप्रेस के मुताबिक़ त्यागी ने कहा है, ‘हमारी पार्टी लोक सभा और राज्य विधानसभाआें के चुनाव एक साथ कराने के प्रस्ताव का समर्थन करती है. अगर इस प्रस्ताव पर सहमति बनती है तो हम बिहार विधानसभा के चुनाव दिसंबर 2018 में कराने के लिए भी तैयार हैं. क्योंकि इससे न सिर्फ़ हर साल चुनाव होते रहने के झंझट से मुक्ति मिलेगी बल्कि सरकारों को भी काम करने का ज्यादा वक़्त मिलेगा.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार ने लोक सभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने के प्रस्ताव को आगे बढ़ाया है. इस पर निर्वाचन आयोग भी अपनी सहमति दे चुका है. पिछले साल अक्टूबर में चुनाव आयुक्त आेपी रावत ने कहा भी था कि तैयारियों और संसाधन के लिहाज़ से ‘निर्वाचन आयोग सितंबर-2018 तक लोक सभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने के लिए तैयार होगा.’

इस सिलसिले में दो बातें और ग़ौर करने लायक हैं. पहली- बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी कह चुके हैं कि लोक सभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ होने चाहिए ताकि धन और संसाधन की बचत की जा सके. दूसरी बात- चुनाव आयुक्त ओपी रावत को इसी महीने निर्वाचन आयोग की कमान मिलने वाली है. देश के मौजूदा मुख्य निर्वाचन आयुक्त एके ज्योति 23 जनवरी को सेवानिवृत्त हो रहे हैं.