अमेरिका के 96 गुरुद्वारों में भारतीय अधिकारियों के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है. भारतीय अधिकारी नगर कीर्तन और धार्मिक जुलूस आदि में भी हिस्सा नहीं ले सकेंगे. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक़ अमेरिकन गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एपीजीसी) और सिख कोऑर्डिनेशन कमेटी ईस्ट कोस्ट (एससीसीईसी) ने यह दावा किया है.

एपीजीसी और एससीसीईसी का यह भी दावा है कि ये अमेरिका में सिख गुरुद्वारों के सबसे बड़े संगठन हैं. यानी सबसे अधिक संख्या में गुरुद्वारे इन्हीं के बैनर तले आते हैं. ख़बर के मुताबिक़ अमेरिका स्थित संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) के आंदोलन के समर्थन में भारतीय अधिकारियों पर प्रतिबंध का फैसला किया गया है. यह संगठन भारत में हुए 1984 के सिख दंगों के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रहा है. और भारत सरकार को सिख दंगों के लिए ज़िम्मेदार मानता है.

अख़बार के अनुसार एससीसीईसी के संयोजक हिम्मत सिंह ने न्यू यॉर्क के रिचमंड हिल स्थित गुरुद्वारे में प्रतिबंध संबंधी प्रस्ताव पढ़कर सुनाया. इसमें कहा गया है, ‘भारत सरकार के अधिकारी या भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले किसी भी व्यक्ति को गुरुद्वारों में प्रवेश और वहां के कार्यक्रमों में भाग लेने की इजाज़त नहीं होगी.’ इस बाबत एसएफजे के कानूनी सलाहकार गुरपतवंत सिंह पन्नुन ने बताया, ‘अगर कोई अधिकारी प्रतिबंध का उल्लंघन करेगा तो उसके ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है.’

ग़ौरतलब है कि अभी कुछ दिन पहले ओंतारियो और कनाडा के 14 गुरुद्वारों ने भी भारतीय अधिकारियों पर इसी तरह के प्रतिबंध की घोषणा की थी. ब्रिटेन के गुरुद्वारों में भी इस तरह का प्रतिबंध पहले से ही लागू है. हालांकि वहां निजी हैसियत (मतलब जब वे सरकार के अधिकारी या प्रतिनिधि बनकर न आ रहे हों) से भारतीय अधिकारियों को गुरुद्वारों में आने की इजाज़त भी मिली है.