एक पुरानी मारवाड़ी कहावत है, ‘हवेली की उम्र 60 बरस.’ माने, किसी व्यापार या घराने की रईसी कम से कम 60 बरस तो रहती है. धनकुबेरों के और अमीर होने का सिलसिला पिछले साल भी जारी रहा.

बीते कैलेंडर वर्ष में गौतम अडानी की रईसी 125 फीसदी और बढ़ गयी. यह भारत के किसी भी धन कुबेर की संपति में सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी है. 2016 में गौतम अडानी की संपत्ति 29 हज़ार करोड़ रुपये थी. 2017 में यह लगभग 66 हज़ार करोड़ हो गयी है. गौतम अडानी ने 1988 में अडानी समूह की स्थापना की थी. आज वे देश के सबसे बड़े बंदरगाह मुंद्रा के मालिक हैं.

अडानी के बाद डी मार्ट रिटेल चेन के मालिक राधा कृष्ण दमानी हैं. बीकानेर के एक मारवाड़ी परिवार से ताल्लुक रखने वाले राधाकृष्ण दमानी की दौलत में लगभग 80 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गयी है. 2017 में यह 21 हज़ार करोड़ से बढ़कर 44 हज़ार करोड़ रुपये हो गयी.

मार्च 2017 में दमानी ने डी मार्ट की शेयर लिस्टिंग की थी. 299 रुपये से खुलने वाला इसका शेयर 604 रुपये पर लिस्ट हुआ था. आज इसका भाव 1235 रुपये है. डी-मार्ट के देश भर में लगभग 140 रिटेल स्टोर हैं. कई सीमेंट कंपनियों में उनकी हिस्सेदारी है. वे मुंबई के पास अलीबाग में रेडिसन ब्लू रिसॉर्ट के मालिक भी हैं.

संपत्ति में तेज बढ़ोतरी के मामले में तीसरा नंबर मुकेश धीरूभाई अंबानी का है. उनकी संपति में लगभग 77.53 फीसदी का इज़ाफ़ा हुआ है. जनवरी 2017 में उनकी कुल संपति थी 1.44 लाख करोड़ रु जो दिसंबर आते-आते लगभग 2.55 लाख करोड़ रु हो गयी. वे देश के पहले, एशिया के दूसरे और विश्व के 20वें नंबर के रईस हैं.

इसके बाद सूची में कुमार मंगलम बिरला हैं जिनकी संपत्ति में 50.41 फीसदी बढ़ोतरी हुई है. फिर अज़ीम प्रेमजी, कोटक बैंक के मालिक उदय कोटक, विक्रम लाल, लक्ष्मी मित्तल, पालूनजी मिस्त्री, सायरस पूनावाला और शिव नाडर जैसे नाम हैं. वहीं अमेज़न के जेफ़ बेजोस दुनिया के नंबर एक और बिल गेट्स दुनिया के दुसरे नंबर के रईस बने हुए हैं.

चलिए, कोई बात नहीं. आपका बीता साल अच्छा नहीं रहा तो क्या हुआ! इस साल ख़ूब मेहनत कीजिये. ग़ालिब ने लिख भी छोड़ा है, ‘इक बरहमन ने कहा है कि ये साल अच्छा है.