उत्तराखंड में बीते हफ्ते भाजपा कार्यालय में जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश करने वाले कारोबारी की मंगलवार को मौत हो गई. हल्द्वानी के रहने वाले प्रकाश पाण्डेय ने शनिवार को देहरादून स्थित भाजपा कार्यालय में जहर खा लिया था. इस समय यहां पर कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ‘जनता दरबार’ में लोगों की समस्याएं सुन रहे थे. द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार मंत्री सुबोध उनियाल से बात करते हुए ट्रांसपोर्टर प्रकाश पाण्डेय ने नोटबंदी और वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) को अपनी आर्थिक हालत बिगड़ने के लिए जिम्मेदार ठहराया था.

रिपोर्ट के मुताबिक प्रकाश पाण्डेय ने बीते कुछ महीनों में प्रधानमंत्री कार्यालय और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को भी कई पत्र लिखे थे. इनमें उन्होंने कहा था कि नोटबंदी और जीएसटी के चलते उन्हें ट्रांसपोर्ट कारोबार में बहुत ज्यादा घाटा उठाना पड़ रहा है. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को पांच जनवरी को लिखे पत्र में प्रकाश पाण्डेय ने कहा था कि नोटबंदी और जीएसटी लागू होने के बाद उनके बैंक खाते का लेन-देन शून्य हो गया है जो नोटबंदी वाले साल में साठ लाख रूपये से एक करोड़ रुपये के बीच था. उन्होंने यह भी कहा था कि वे छह महीने से अपने दो बच्चों की स्कूल फीस नहीं दे पा रहे हैं और उन पर काफी कर्ज हो गया है. प्रकाश पाण्डेय का कहना था कि उन्हें इन दोनों जगहों से कोई मदद नहीं मिली, जिसके बाद उनके पास ‘जहर खाने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था.’

भाजपा कार्यालय में बेहोश होने के बाद प्रकाश पाण्डेय को देहरादून के एक सरकारी अस्पताल में लाया गया थी. यहां पर उनके जहर खाने की पुष्टि हुई थी. इसके बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी. इस बीच राज्य के कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने इस पूरी घटना को राजनीति से प्रेरित बताया था. वहीं, कांग्रेस नेताओं ने इस दुखद घटना के लिए भाजपा की ‘झूठी नीतियों’ को जिम्मेदार ठहराया था.