समाजवादी पार्टी के मुखिया और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने फिलहाल कांग्रेस के साथ आगे किसी गठबंधन की संभावना से इनकार कर दिया है. उन्होंने कहा है कि उनकी पहली प्राथमिकता पार्टी संगठन को मजबूत करना है. पीटीआई के साथ एक साक्षात्कार में अखिलेश यादव ने कहा, ‘2019 का चुनाव निश्चित रूप से अहम है क्योंकि उत्तर प्रदेश से निकलने वाला संदेश पूरे देश में जाएगा. इसमें (गठबंधन और सीटों पर माथापच्ची) काफी समय बर्बाद होता है और मैं किसी असमंजस में नहीं रहना चाहता.’

हालांकि अखिलेश यादव ने कहा कि बाद में किसी सही समय पर गठबंधन के बारे में सोचा जा सकता है लेकिन इस समय उनकी प्राथमिकता पार्टी संगठन मजबूत करना है. उनके मुताबिक उनकी राजनीति का स्टाइल अलग है और समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ आने में उन्हें परहेज नहीं है.

सपा-कांग्रेस गठबंधन ने 2017 का विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ा था, लेकिन उसे करारी हार का सामना करना पड़ा. भाजपा और सहयोगी दलों में 403 में 325 सीटें जीतीं जबकि सपा 47 पर सिमट गई. उधर, कांग्रेस को बस सात सीटें मिली थीं.