अमेरिका ने उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच दो साल से भी ज्यादा वक्त के बाद हुई बातचीत का स्वागत किया है. अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि उत्तर कोरिया के चलते कोरियाई प्रायद्वीप में पैदा हुए परमाणु संकट को हल करने की दिशा में यह पहला कदम है. उसने यह भी कहा कि अमेरिका भविष्य में ऐसी वार्ताओं में शामिल होना चाहेगा. लेकिन उसने दोहराया कि इनका मकसद परमाणु निरस्त्रीकरण ही होना चाहिए.

उधर, उत्तर कोरिया का कहना है कि उसके परमाणु हथियारों का निशाना अमेरिका ही है, दक्षिण कोरिया, रूस या चीन नहीं. मंगलवार को 11 घंटे तक चली दोनों देशों के प्रतिनिधियों की मुलाकात के बाद जारी एक बयान में उसने यह बात कही. इस बातचीत में दोनों देश भविष्य में सैन्य स्तर की बातचीत पर सहमत हुए. साथ, ही उत्तर कोरिया ने अगले महीने दक्षिण कोरिया में हो रहे शीतकालीन ओलंपिक खेलों में अपनी एक टीम भेजने पर भी सहमति जताई. हालंकि अपने बयान में उसने चेतावनी भी दी कि दक्षिण कोरिया उसके सामने परमाणु हथियार कम करने की बात न करे वर्ना बातचीत में जो भी सहमति बनी है उस पर पानी फिर जाएगा.