कन्नड़ साहित्यकार एमएम कलबुर्गी की हत्या की विशेष जांच टीम (एसआईटी) से जांच कराने की मांग करने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार यह याचिका एमएम कलबुर्गी की पत्नी उमा देवी कलबुर्गी ने लगाई है. शीर्ष अदालत ने केंद्र के अलावा इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से भी जवाब मांगा है. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने सभी को छह हफ्ते के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है.

अपनी याचिका में उमा देवी कलबुर्गी ने कहा है कि 2015 में हुई उनकी पति की हत्या की किसी भी एजेंसी ने सही से जांच नहीं की है. उन्होंने यह भी दावा किया है कि उनके पति, महाराष्ट्र के तर्कवादी गोविंद पंसारे और नरेंद्र दाभोलकर की हत्या एक ही तरीके से की गई थी.

एमएम कलबुर्गी कन्नड़ विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति थे. वे हिंदू धर्म में फैले अंधविश्वास की मुखर आलोचना के लिए चर्चित थे. 30 अगस्त 2015 को दो अज्ञात हमलावरों ने एमएम कलबुर्गी की उनके घर में गोली मारकर हत्या कर दी थी. इससे पहले 16 फरवरी 2015 को तर्कवादी गोविंद पंसारे को महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में गोली मार दी गई थी. वहीं, 20 अगस्त 2013 को पुणे में तर्कवादी नरेंद्र दाभोलकर की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.