सुप्रीम कोर्ट ने 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े 186 मामलों की दोबारा जांच कराने का निर्देश दिया है. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक बुधवार को शीर्ष अदालत ने इसके लिए हाई कोर्ट के रिटायर जज की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति बनाने का फैसला किया. इसमें एक मौजूदा और एक रिटायर पुलिस अधिकारी शामिल होगा. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने केंद्र को इस समिति के लिए नामों का सुझाव देने का निर्देश दिया है.

केंद्र सरकार द्वारा 2015 में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने सिख विरोधी दंगों से जुड़े 241 मामलों को बंद कर दिया था. इसकी समीक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल अगस्त में अपने दो रिटायर्ड जजों की एक समिति बनाई थी. बुधवार को इसी समिति की रिपोर्ट के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सिख विरोधी दंगों के 241 मामलों में से 186 को बगैर किसी जांच के बंद कर दिया गया था.

1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिख विरोधी दंगे भड़क उठे थे. इसमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में 3,325 लोग मारे गए थे. इनमें से अकेले दिल्ली में 2,733 लोग मारे गए थे.