‘जम्मू-कश्मीर के लोगों को जो कुछ भी मिलने वाला है, इसी मुल्क (भारत) से मिलेगा, कहीं और से नहीं.’

— महबूबा मुफ्ती, जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती का यह बयान जम्मू-कश्मीर के लोगों से हिंसा छोड़ने की अपील करते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘हम जम्मू-कश्मीर के संविधान को नहीं मानते, मुल्क के संविधान को नहीं मानते तो किसको मानते हैं? फिर आपको क्या मिलने वाला है? कहां से मिलेगा?’ मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर की विधानसभा देश की सबसे सशक्त विधानसभा है. उनके मुताबिक जम्मू-कश्मीर को छोड़कर पूरे मुल्क में वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) लागू हो गया लेकिन विधानसभा में इस पर अच्छी तरह से चर्चा करने के बाद ही इसे लागू किया. जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री ने मंगलवार को भारत और पाकिस्तान से बातचीत करने की अपील की थी, ताकि घाटी में खूनखराबे को रोका जा सके.

‘कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार हिंदू विरोधी है.’

— अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का यह बयान कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए आया. चित्रदुर्गा में नव कर्नाटक निर्माण परिवर्तन यात्रा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘सिद्धारमैया सरकार वोट बैंक की राजनीति कर रही है.’ अमित शाह ने आगे कहा कि सिद्धारमैया सरकार ने एसडीपीआई के खिलाफ चल रहे सारे मामलों को हटा लिया है जो भारत विरोधी संगठन है. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने कट्टरपंथी समूह पीएफआई के अपराधियों पर चल रहे मामलों को भी वापस ले लिया है. भाजपा अध्यक्ष ने सिद्धारमैया सरकार पर जनता के कल्याण के लिए आवंटित पैसे का लाभ उस तक न पहुंचने देने का भी आरोप लगाया.


‘धर्म बिल्कुल निजी मामला है, इसके नाम पर कोई लामबंदी नहीं होनी चाहिए.’

— दलाई लामा, तिब्बती बौद्धों के धर्म गुरु

बौद्ध धर्म गुरु दलाई लामा का यह बयान धर्म के नाम होने वाली गोलबंदी पर ऐतराज जताते हुए आया. पुणे के भीमा कोरेगांव में हिंसा से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, ‘कोई भी जिस धर्म को मानता है, वह उसका निजी मामला होता है.’ दलाई लामा ने आगे कहा कि लोगों को ‘हम बौद्ध, हम मुस्लिम या हम हिंदू’ के रूप में नहीं जोड़ना चाहिए. भारत के पारंपरिक ज्ञान की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि भारत को इसे हासिल करने पर ध्यान देना चाहिए. दलाई लामा के मुताबिक भारत हमेशा से धार्मिक तौर पर एक सहनशील देश रहा है.


‘फिल्में परोपकार या स्वयंसेवी संस्थाएं नहीं होती हैं.’

— अनुराग कश्यप, फिल्म निर्देशक

फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप का यह बयान फिल्म निर्माताओं को फिल्मों को सामाजिक संदेश का माध्यम बनाने से बचने की सलाह देते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘‘फिल्मों को संदेश देने वाला माध्यम नहीं समझना चाहिए...हम बहुत पहले से प्रेम कहानियां पर फिल्में बना रहे हैं, लेकिन लोग आज तक नहीं जान पाए कि प्रेम कैसे करें.’ अनुराग कश्यप ने आगे कहा कि अगर कोई फिल्म संदेश देती भी है तो दर्शक सिनेमा हाल में ताली बजाते हैं और उसे वहीं पर भूल जाते हैं. अपनी फिल्म ‘मुक्काबाज’ को लेकर उन्होंने कहा कि यह खेल को प्रोत्साहित करने वाली फिल्म हो सकती है, लेकिन मुक्केबाजी का विज्ञापन तो कतई नहीं है.


‘उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया की बातचीत के लिए डोनाल्ड ट्रंप को सबसे ज्यादा श्रेय देना चाहिए.’

— मून जो-इन, दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जो-इन का यह बयान मंगलवार को दोनों देशों की बैठक को लेकर आया. उन्होंने कहा, ‘यह (बातचीत) अमेरिका के नेतृत्व में लगाए प्रतिबंधों और दबाव का नतीजा हो सकती है.’ मून जो-इन ने आगे कहा कि उत्तर कोरिया से शुरुआती बातचीत द्विपक्षीय संबंध सुधारने के लिए थी, लेकिन दक्षिण कोरिया उत्तर कोरिया को परमाणु हथियार छोड़ने पर बातचीत के लिए राजी करने के मकसद से आगे बढ़ेगा. मून जो-इन के मुताबिक उत्तर कोरिया को परमाणु हथियारों से मुक्त कराना दक्षिण कोरिया का उद्देश्य है, जिससे वह कभी पीछे नहीं हटेगा.