गणतंत्र दिवस समारोह में इस बार एक नहीं बल्कि 10 मुख्य अतिथि आमंत्रित किए गए हैं. ये सभी दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों (आसियान) के शासन या राष्ट्र प्रमुख हैं. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक़ सभी नेता 24 से 26 जनवरी के बीच दिल्ली में रहेंगे. इस दौरान उनके स्वागत में रामायण महोत्सव भी आयोजित किया जा रहा है.

ख़बर के मुताबिक़ चूंकि आसियान देशों और भारत के बीच सांस्कृतिक विरासत एक जैसी है. इसीलिए रामायण महोत्सव के आयोजन का फ़ैसला किया गया है. यह प्रस्ताव भारत सरकार को किसी और ने नहीं बल्कि कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन सेन ने दिया है. बताया जाता है कि मनीला में पिछले साल नवंबर में हुए भारत-आसियान सम्मेलन के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह सुझाव दिया था. इसे मोदी ने भी पसंद किया था.

इसीलिए अब जैसी कि ख़बर है दिल्ली के कमानी ऑडिटोरियम में रामायण महोत्सव के आयोजन की तैयारी की जा रही है. इसमें भारत सहित थाईलैंड, लाओस, म्यांमार, इंडोनेशिया और मलेशिया आदि से आए कलाकारों के दल हिस्सा लेंगे. और रामायण के प्रसंगों पर आधारित अपनी प्रस्तुतियां देंगे. इसके साथ ही सभी नेता इस मौके पर रामायण पर आधारित डाक टिकट भी जारी करेंगे.

योजना यह भी है कि आसियान देशों के प्रमुखों से किसी एक समारोह में खादी की जैकेट पहनने का भी आग्रह किया जाए. सूत्रों के मुताबिक़ ‘खादी की जैकेट के बारे में अभी फ़ैसला नहीं हुआ है. लेकिन इस बात की संभावना है कि उनसे रात्रिभोज या विदाई समारोह में से किसी एक पर खादी जैकेट पहनने का आग्रह किया जा सकता है. इससे भी भारत-आसियान के बीच समरस-संबंधों का संकेत जाएगा.’

सभी 10 देशों- इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रूनेई, कंबोडिया, लाओस, म्यांमार और वियतनाम के प्रमुखों ने गणतंत्र दिवस समारोह में शिरकत की सहमति दे दी है. इन नेताओं की मौजूदगी में औपचारिक समारोहों के साथ ही दिल्ली में भारत-आसियान सम्मेलन भी आयोजित है. गणतंत्र दिवस समारोह के लिए भव्य मंच बनाया जा रहा है. इस पर पहली बार राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित 22 अतिथि बैठेंगे.