पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने चंडीगढ़ छेड़खानी मामले के मुख्य आरोपित विकास बराला को जमानत दे दी है. इससे पहले ट्रायल कोर्ट ने चार बार जमानत देने से इनकार कर दिया था. विकास बराला और उसके दोस्त आशीष कुमार को पिछले साल अगस्त में एक आईएएस अधिकारी की बेटी वर्णिका कुंडु का पीछा और उसके अपहरण की कोशिश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. विकास बराला हरियाणा में भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला का बेटा है.

द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक मंगलवार को इस मामले में चंडीगढ़ जिला अदालत में पीड़िता वर्णिका कुंडु की गवाही हुई थी. मुख्य आरोपित विकास बराला के वकील ने लगभग 90 मिनट तक वर्णिका कुंडु से उनके आरोपों को लेकर सवाल किए थे. वर्णिका कुंडु ने अदालत में चार-पांच अगस्त की रात विकास बराला द्वारा पीछा करने की पूरी घटना बताते हुए अपने पहले के आरोपों को सही ठहराया था. इसके साथ उन्होंने बचाव पक्ष के इन आरोपों को खारिज कर दिया था कि उनके पिता वीएस कुंडु या उनके वकील हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के संपर्क में थे.

विकास बराला को पांच अगस्त को गिरफ्तार किए जाने के कुछ घंटे के भीतर ही जमानत भी मिल गई थी, क्योंकि पुलिस ने उसे पीछा करने और गलत मंशा से रोकने के आरोप में गिरफ्तार किया था. ये दोनों जमानती अपराध हैं. हालांकि, बाद में पुलिस ने उसे अपहरण की कोशिश करने के आरोप में गिरफ्तार किया था जो गैर-जमानती अपराध है.