अमेरिका भारत के साथ अपने सैन्य संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाना चाहता है. भारत में अमेरिका के राजदूत केनेथ जस्टर ने भारत को प्रस्ताव दिया है कि दोनों देश अपने सैन्य अधिकारियों को एक-दूसरे के कुछ जंगी दस्तों में शामिल करें. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक केनेथ जस्टर ने भारत-अमेरिका के रक्षा संबंधों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह प्रस्ताव रखा है. नई दिल्ली में अपना कार्यभार संभालने के बाद अपने पहले भाषण में उन्होंने यह सुझाव दिया.

दो साल पहले भारत और अमेरिका के बीच सैन्य तंत्र से संबंधित ‘लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ अग्रीमेंट’ हुआ था. इस समझौते के तहत यह व्यवस्था है कि साजोसामान की मरम्मत और उसकी आपूर्ति के लिए दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे की सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकती हैं. उन्हें एक-दूसरे के सैन्य अड्डों का इस्तेमाल करने की भी अनुमति दी गई है. सैन्य सहयोग पर बात करते हुए जस्टर ने कहा, ‘हमारा अनुभव कहता है कि इस तरह काम करने से आपसी मेल-जोल और विश्वास बढ़ता है. समय के साथ हमें युद्ध के स्तर पर अपने अधिकारियों और प्रशिक्षण सुविधाओं की अदला-बदली करनी चाहिए. यहां तक कि किसी खास परिस्थिति में सैन्य अधिकारियों को एक-दूसरे के जंगी दस्तों में नियुक्त करना चाहिए.’

वर्तमान में कुछ नाटो देशों के साथ अमेरिका इस समझौते के तहत काम कर रहा है. उसके सैन्य संपर्क अधिकारी इन देशों के सैन्य कमांडों में नियुक्त हैं. इन देशों में ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जापान, दक्षिण कोरिया, फिलिपींस, न्यूजीलैंड और ब्रिटेन शामिल हैं. जस्टर ने कहा कि भारत और अमेरिका ने बड़े आतंकी हमले झेले हैं और उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आतंकवाद को खत्म करने में दोनों देशों के बड़े पारस्परिक हित जुड़े हुए हैं. जस्टर ने कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप ने और अन्य अमेरिकी नेताओं ने साफ कहा है कि वे सीमापार के आतंकवाद या आतंकियों को शरण देने वाले देशों को बर्दाश्त नहीं करेंगे.’ अमेरिकी राजदूत ने कहा कि इसके लिए देशों को आतंकवादियों से संबंधित तमाम जानकारियां साझा करने की जरूरत है.