पीएसएलवी सी-40 रॉकेट के जरिए कार्टोसैट- 2 सहित कुल 31 उपग्रहों (सेटेलाइट) की सफल लॉन्चिंग से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने एक और खास मुकाम हासिल कर लिया है. उधर, पाकिस्तान का कहना है कि कार्टोसैट-2 से क्षेत्र में सामरिक संकट बढ़ेगा. उसकी वजह इसने यह बताई है कि असैन्य इस्तेमाल के लिए भेजे गए इस उपग्रह का प्रयोग भारत सैन्य हितों की पूर्ति के लिए भी कर सकता है.

इसरो के इस नए उपग्रह के सफल होने के बाद धरती की बेहतर तस्वीरें मिल सकेंगी जिनका इस्तेमाल सड़कों की निगरानी और शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों की योजनाओं के लिए किया जा सकेगा. लेकिन पाकिस्तान का कहना है कि इस तरह के उपग्रह दोहरे मकसद के लिए होते हैं. वहां के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्थानीय मीडिया से बातचीत में कहा कि अंतरिक्ष अनुसंधान का प्रयोग विकास और शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए किया जाना चाहिए. पाकिस्तानी प्रवक्ता के मुताबिक इसके सैन्य इस्तेमाल से नकारात्मक स्थिति उत्पन्न होगी. पाकिस्तान ने अपना अंतरिक्ष कार्यक्रम भारत में इसरो के जन्म से आठ साल पहले 1961 में शुरू किया था.