शुक्रवार को इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ न्यायाधीशों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे देश से शीर्ष अदालत को बचाने की अपील की. इस खबर को आज के सभी प्रमुख अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. इनमें शामिल न्यायाधीश चेलामेश्वर का कहना था, ‘हमारी संस्था (सुप्रीम कोर्ट) और देश के लिए जिम्मेदारी है. सीजेआई (भारत के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा) को इस संस्था की रक्षा के लिए कदम उठाने के बारे में समझाने की हमारी कोशिशें नाकाम रही हैं.’ उन्होंने आगे कहा है कि सुप्रीम कोर्ट में कामकाज ठीक से नहीं चल रहा है, इसलिए उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा.

दलितों के बिना हिंदुत्व आधारहीन : आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ का कहना है कि दलितों के बिना हिंदू धर्म की कल्पना नहीं की जा सकती. दैनिक जागरण के साथ बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि दलितों के बिना हिंदुत्व का आधार ही नहीं है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भीमा कोरेगांव मामले को राजनीतिक स्टंट बताया है. उनका मानना है कि दलित बनाम ब्राह्मणवाद का नारा लगाने वाले धर्म को नहीं समझते. साथ ही, आदित्यनाथ ने कहा, ‘जो लोग इस बहस को चला रहे हैं, वे भारत की आत्मा को नहीं जानते. असल में ये लोग केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री के नेतृत्व को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं.’

फार्मा कंपनियों की सस्ती जनेरिक दवाइयों को लेकर निराशाजनक प्रतिक्रिया

सस्ती जेनेरिक दवाइयां उपलब्ध कराने पर फार्मा कंपनियों की निराशाजनक प्रतिक्रिया को देखते हुए लोगों को इसके लिए और इंतजार करना पड़ सकता है. हिन्दुस्तान में छपी एक खबर के मुताबिक औषधि विभाग की ओर से बीते साल जारी फार्मास्युटिकल नीति के मसौदे पर अब तक कोई खास प्रगति नहीं हो पाई है. इस बारे में कंपनियों के साथ बातचीत में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि सस्ती दवाइयों को लेकर इनका रुख काफी निराशाजनक रहा है. बताया जाता है कि इसके बाद विभाग ने मसौदे को फिर से बनाने का आदेश दिया है. उधर, कंपनियों का कहना है कि कमजोर नियंत्रण वाले बाजार में ऐसा संभव नहीं है.

राजस्थान हाईकोर्ट ने पद्मावत फिल्म को अदालत में दिखाने को कहा

राजस्थान हाई कोर्ट ने विवादित फिल्म पद्मावत को लेकर सुनवाई करते हुए इसे रिलीज से पहले उसे दिखाने को कहा है. हाई कोर्ट ने आगे कहा है कि इसके बाद तय किया जाएगा कि क्या करना है. अमर उजाला ने इस खबर को पहले पन्ने पर जगह दी है. अखबार के मुताबिक अदालत ने इस फिल्म के निदेशक संजय लीला भंसाली, अभिनेता रणवीर सिंह और अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के खिलाफ दायर प्राथमिकी रद्द करने को लेकर दाखिल याचिका की सुनवाई करते हए यह आदेश दिया है. इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख 23 जनवरी को तय की गई है.

उच्च शिक्षण संस्थाओं में मुसलमान, दलित और आदिवासी शिक्षकों की हिस्सेदारी कम

देश की उच्च शिक्षण संस्थाओं में मुसलमान शिक्षकों की हिस्सेदारी केवल पांच फीसदी है. द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह बात उच्च शिक्षा पर अखिल भारतीय सर्वे (2016-17) में सामने आई है. दूसरी ओर, देश की पूरी आबादी में इनकी हिस्सेदारी 14.2 फीसदी है. मुसलमानों के अलावा अनुसूचित जाति (दलित) और जनजाति (आदिवासी) समुदाय से आने वाले शिक्षकों की संख्या भी इनकी आबादी के लिहाज से कम है. केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा बीते हफ्ते जारी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि उच्च शैक्षणिक संस्थाओं में पढ़ाने वाले दलितों और आदिवासियों का प्रतिनिधित्व केवल 8.3 फीसदी और 2.2 फीसदी है जबकि देश की आबादी में इनकी हिस्सेदारी करीब 17 और नौ फीसदी है.

आज का कार्टून

सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ न्यायाधीशों द्वारा देश के मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ रुख अपनाने पर द एशियन एज में प्रकाशित कार्टून :