साल 2000 में लाल किले पर हुए आतंकी हमले के आरोपित बिलाल अहमद कावा की गिरफ्तारी को निराधार बताते हुए उसके परिवार ने उसकी फौरन रिहाई की मांग की है. शुक्रवार को इस परिवार ने कुछ लोगों के साथ श्रीनगर में प्रदर्शन भी किया और कावा को एक शरीफ शहरी बताया. उन्होंने कहा कि झूठे आरोप लगाकर उसे आतंकवादी बताया जा रहा है. कावा को हाल ही में दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से हिरासत में लिया गया था.

कावा की मां फातिमा बेगम का कहना है, ‘वह अक्सर दिल्ली आता-जाता रहा है. इस बार भी वह मेडिकल चेकअप के लिए दिल्ली गया था. अगर वह आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होता तो दिल्ली क्यों जाता? जब उसकी गिरफ्तारी हुई तो उसके पास घरेलू सामान था जबकि पुलिस कह रही है कि वह 26 जनवरी के आसपास किसी आतंकवादी साजिश को अंजाम देने के लिए दिल्ली पहुंचा था. पुलिस के ये आरोप झूठे और बे​बुनियाद हैं.’

उनका यह भी कहना है कि पुलिस ने भरोसा दिलाया था कि पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ. और पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी की खबर मीडिया के जरिये फैला दी. कावा के चचेरे भाई का कहना है कि पुलिस की इसी जबरदस्ती से मन्नान वानी और बरहान वानी की तरह कश्मीरी युवा बंदूक उठाने पर मजबूर होते हैं.

कावा की गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल और गुजरात पुुलिस के एंटी टेरर स्क्वाड ने मिलकर की थी. तब पुलिस ने कहा था कि लश्कर के कमांडर के एक सहयोगी से कावा लंबे समय तक संपर्क में था जिसने उसके बैंक खातों में लाखों रुपये भी जमा कराये थे. कावा के परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों पर फिलहाल पुलिस ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.