तपेदिक यानी टीबी के रोगियों को पौष्टिक आहार के लिए हर महीने 500 रुपये की आर्थिक मदद के साथ इस रोग से पूरी तरह ठीक होने तक यात्रा किराये में छूट भी मिल सकती है. समाचार एजेंसी पीटीआई की खबर के मुताबिक स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस प्रस्ताव को फिलहाल वित्त समिति के पास भेजा है. मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक इस योजना के लागू होने से देश भर में टीबी से पीड़ित 25 लाख लोगों को फायदा मिलेगा.

योजना की एक खास बात यह है कि इसमें रोगी की आय कोई मायने नहीं रखेगी. मदद का आधार सिर्फ उसकी मेडिकल रिपोर्ट होगी. सरकार 2025 तक देश को टीबी से मुक्त कराने की दिशा में प्रयासरत है. नेशनल टीबी कंट्रोल प्रोग्राम के तहत देश भर में पहले से ही टीबी के रोगियों को मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाती है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुमान के मुताबिक भारत में हर साल 28 लाख से भी ज्यादा लोग टीबी का शिकार होते हैं, लेकिन 17 लाख मामले ही सामने आ पाते हैं. दूसरी तरफ स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े टीबी के रोगियों में कमी की तरफ इशारा करते हैं. साल 2015 में जहां यह आंकड़ा प्रति लाख 217 रोगियों का था तो वहीं 2016 में घटकर यह 211 प्रति लाख पर आ गया.