उत्तर प्रदेश सरकार ने अलीगढ़ के एक स्कूल द्वारा विवादित इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक को इस्लामिक नायकों में जगह देने के मामले में जांच का आदेश दिया है. द टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक जिला प्रशासन ने स्कूल को नोटिस जारी कर कक्षा पांच की किताब के ‘महत्वपूर्ण इस्लामिक व्यक्तित्व’ में जाकिर नाइक को शामिल करने का कारण बताने को कहा है.

उधर, मसूद नगर स्थित इस्लामिक मिशन स्कूल का कहना है कि ‘इल्म उन नाफे’ नाम की यह किताब बच्चों का सामान्य ज्ञान बढ़ाने के लिए दो साल पहले छापी गई थी. रिपोर्ट के मुताबिक इस किताब के लेखक और स्कूल के प्रबंधक कुनेन कौसर ने कहा, ‘जब यह किताब छापी गई थी, तब जाकिर नाइक के खिलाफ कोई मामला नहीं चल रहा था. अब नए सत्र के लिए छपने वाली किताब में इस चैप्टर को हटा दिया जाएगा.’

इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक पर आतंकियों को प्रेरित करने का आरोप है. एक जुलाई 2016 को ढाका रेस्टोरेंट आतंकी हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों में से एक आतंकी को जाकिर नाइक के भाषणों से प्रेरित बताया गया था. इसके बाद जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर भारत सरकार ने जाकिर नाइक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर प्रतिबंध लगा दिया था. वहीं, इस मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पिछले साल जुलाई में जाकिर नाइक को भगौड़ा अपराधी घोषित कर दिया था.