भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जजों द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश की कार्यशैली को लेकर लगाए गए आरोपों पर सफाई देने की मांग की है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार उन्होंने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट में खास मामलों के लिए चुनिंदा बेंच बनाने के आरोपों पर जनता के बीच स्पष्टीकरण दिया जाना चाहिए.’ यशवंत सिन्हा ने आगे कहा, ‘निश्चित तौर पर इन पीठों को न्यायिक प्रकिया प्रभावित करने और अंतिम फैसले को बदलने के लिए बनाया गया होगा.’

भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा के मुताबिक न्यायिक प्रक्रिया से समझौता करना जनता को इंसाफ देने से इनकार करना है. उन्होंने यह भी कहा, ‘मेरी शीर्ष अदालत के अंदरूनी मामले में दखल देने की कोई इच्छा नहीं है. लेकिन जब चार वरिष्ठ जज राष्ट्र को संबोधित कर रहे थे, तब वे यह भी कह रहे थे कि हम न केवल उनकी बात सुनें, बल्कि अपनी आवाज भी उठाएं ताकि जरूरी सुधार हो सके.’

यशवंत सिन्हा ने अपनी पार्टी के नेताओं और सरकार से वरिष्ठ मंत्रियों से भी लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने वाली चीजों के खिलाफ खड़े होने की अपील की. राजनीतिक दलों को न्यायालय के मामले में दखल देने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘अगर चार जजों ने जनता में आकर अपनी बात कह दी तब यह अंदरूनी मामला कैसे रह गया?’ यशवंत सिन्हा ने आगे कहा कि न्यायपालिका ही नहीं, अन्य क्षेत्रों में भी मर्यादाओं का उल्लंघन हो रहा है, लेकिन लोग डर की वजह से नहीं बोल रहे हैं. उन्होंने गुजरात में चुनाव के चलते संसद के शीतकालीन सत्र का समय घटाने पर भी सवाल उठाया.