नेपाल में अपनी पहुंच बढ़ाने में लगे चीन को वहां एक और सफलता मिली है. शुक्रवार से नेपाल में चीन के इंटरनेट का इस्तेमाल शुरू हो गया है. नेपाल के सूचना एवं संचार मंत्री मोहन बहादुर बासनेत ने काठमांडू में इसकी जानकारी देते हुए बताया कि चीन द्वारा रसुवागढी सीमा के माध्यम से नेपाल में बिछाए गए ऑप्टिकल फाइबर लिंक का उद्घाटन कर दिया गया है और अब यह आम जनता के लिए उपलब्ध है.

बासनेत ने आगे कहा कि नेपाल और चीन के बीच स्थापित किया गया यह ऑप्टिकल फाइबर लिंक देशभर में इंटरनेट के बुनियादी ढांचे के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. यह नेपाल और चीन के बीच आधिकारिक और नागरिक स्तर पर भी द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देगा.

नेपाल सरकार की कंपनी नेपाल टेलीकॉम से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक चीनी फाइबर लिंक द्वारा मिलने वाले इंटरनेट की प्रारंभिक स्पीड 1.5 जीबीपीएस होगी, जो कि भारत से मिलने वाली 25 जीबीपीएस स्पीड से कम है.

अब तक इंटरनेट के मामले में नेपाल केवल भारत पर ही निर्भर था, ऐसे में चीन की पहुंच के बाद इस मामले में उसकी भारत पर निर्भरता खत्म हो गई है. साल 2016 में तत्कालीन नेपाली प्रधानमंत्री केपी ओली ने चीन के साथ इस ऑप्टिकल फाइबर लिंक को लेकर समझौता किया था.