क्या महातिर मोहम्मद 92 साल की उम्र में चुने जाने वाले दुनिया के पहले प्रधानमंत्री हो सकते हैं? | सोमवार, 08 जनवरी 2018

मलेशिया के 92 वर्षीय नेता महातिर मोहम्मद को वहां के विपक्षी दलों ने अपना प्रधानमंत्री पद का उम्मीद्वार बनाया है. वहां इसी साल अगस्त में चुनाव होने हैं. अगर उनके सिर जीत का सेहरा बंधता है तो वे इस पद पर चुने जाने वाले दुनिया के सबसे बुजुर्ग नेता होंगे. वैसे बतौर प्रधानमंत्री मोहम्मद महातिर 22 साल देश की सेवा कर चुके हैं. उन्होंने यह पद 2003 में छोड़ा था. मौजूदा प्रधानमंत्री और अपने विरोधी नजीब रजाक पर पिछले कुछ वर्षों में लगे अरबों डॉलर के घोटाले के आरोपों के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में लौटने का फैसला किया है.

मोहम्मद महातिर को अपना उम्मीदवार बनाने के इस फैसले के पीछे विपक्ष की मजबूरी भी है. उसके सबसे लोकप्रिय नेता अनवर इब्राहिम इन दिनों जेल में हैं. एक समय था जब इब्राहिम, महातिर मोहम्मद के सहयोगी हुआ करते थे, लेकिन राजनीतिक मतभेदों के कारण 1998 में उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया था. इसके छह साल बाद भ्रष्टाचार के आरोपों में उन्हें जेल भेज दिया गया. खुद पर लगे आरोपों का खंडन करते हुए जेल भेजे जाने के फैसले को उन्होंने राजनीति से प्रेरित बताया था.

ट्रंप प्रशासन का यह ऐलान अमेरिका में काम कर रहे लाखों भारतीयों के लिए राहत की खबर लाया है | मंगलवार, 09 जनवरी 2018

मंगलवार को अमेरिका में काम कर रहे विदेशी नागरिकों खासकर भारतीयों के लिए यह खबर राहत बनकर आई. ट्रंप प्रशासन के मुताबिक वह ऐसे किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रहा है जिसके चलते एच-1बी वीजा धारकों को छह साल की अधिकतम अवधि गुजर जाने के बाद जबर्दस्ती उनके देश भेज दिया जाए. हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी जोनाथन विथिंगटन ने यह बात कही है.

बीते दिनों खबर आई थी कि ट्रंप प्रशासन एक ऐसे प्रस्ताव पर विचार कर रहा है जिसके अमल में आने के बाद पांच लाख से ज्यादा भारतीयों को अमेरिका में अपनी नौकरी छोड़कर देश लौटना पड़ सकता है. इस प्रस्ताव के अनुसार ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे लोगों के एच-1बी वीजा का विस्तार नहीं किया जाएगा. इस खबर ने इन भारतीयों के साथ आईटी क्षेत्र की तमाम बड़ी कंपनियों को भी चिंता में डाल दिया था.

उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया की बातचीत सही दिशा में पहला कदम : अमेरिका | बुधवार, 10 जनवरी 2018

अमेरिका ने उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच दो साल से भी ज्यादा वक्त के बाद हुई बातचीत का स्वागत किया है. अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि उत्तर कोरिया के चलते कोरियाई प्रायद्वीप में पैदा हुए परमाणु संकट को हल करने की दिशा में यह पहला कदम है. उसने यह भी कहा कि अमेरिका भविष्य में ऐसी वार्ताओं में शामिल होना चाहेगा. लेकिन उसने दोहराया कि इनका मकसद परमाणु निरस्त्रीकरण ही होना चाहिए.

उधर, उत्तर कोरिया का कहना है कि उसके परमाणु हथियारों का निशाना अमेरिका ही है, दक्षिण कोरिया, रूस या चीन नहीं. मंगलवार को 11 घंटे तक चली दोनों देशों के प्रतिनिधियों की मुलाकात के बाद जारी एक बयान में उसने यह बात कही. इस बातचीत में दोनों देश भविष्य में सैन्य स्तर की बातचीत पर सहमत हुए. साथ, ही उत्तर कोरिया ने अगले महीने दक्षिण कोरिया में हो रहे शीतकालीन ओलंपिक खेलों में अपनी एक टीम भेजने पर भी सहमति जताई. हालंकि अपने बयान में उसने चेतावनी भी दी कि दक्षिण कोरिया उसके सामने परमाणु हथियार कम करने की बात न करे वर्ना बातचीत में जो भी सहमति बनी है उस पर पानी फिर जाएगा.

नारायणमूर्ति के दामाद ऋषि सुनक ब्रिटिश सरकार में शामिल | गुरूवार, 11 जनवरी 2018

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने अपनी सरकार में भारतीय मूल के तीन सांसदों को शामिल किया है. इनमें इन्फोसिस के सह-संस्थापक नारायणमूर्ति के दामाद ऋषि सुनक भी शामिल हैं. उनके अलावा सुएला फर्नांडिस और शैलेश वारा को भी सरकार में शामिल किया गया है. ऋषि सुनक को ब्रिटिश सरकार में आवास, समुदाय और स्थानीय सरकार के मंत्रालय का संसदीय उपराज्य सचिव बनाया गया है. सुएला फर्नांडिस यूरोपियन यूनियन से ब्रिटेन के बाहर निकलने से संबंधित मंत्रालय की संसदीय उपराज्य सचिव होंगी. उधर, शैलेश वारा उत्तरी आयरलैंड कार्यालय के संसदीय उपराज्य सचिव बनाए गए हैं.

ऋषि सुनक ने 2014 में राजनीति में कदम रखा था. वे 2015 में उत्तरी यॉर्कशर से चुनाव जीतकर पहली बार सांसद बने थे. 2017 में हुए चुनाव में उन्होंने फिर जीत हासिल की थी. 37 साल के ऋषि ब्रेक्जिट समर्थक रहे हैं. वे ऑक्सफर्ड और स्टैनफर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ चुके हैं. ऋषि सुनक एक निवेश फर्म के सह-संस्थापक भी हैं. यह फर्म बेंगलुरु स्थित कंपनियों के साथ काम करती है.

चीन से बढ़ते संबंधों के बीच मालदीव ने भारत को आश्वस्त किया, कहा - ‘इंडिया फर्स्ट’ | शुक्रवार, 12 जनवरी 2018

चीन ने बढ़ती नजदीकी के बीच मालदीव ने अपने रुख को लेकर भारत को आश्वस्त किया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत के दौरे पर आए मालदीव के विदेश मंत्री मोहम्मद आसिम ने कहा है कि उनका देश ‘इंडिया फर्स्ट’ (भारत पहले) की नीति पर चलेगा. उनके दौरे को लेकर भारत सरकार की तरफ से जारी किए गए बयान में यह बात कही गई है. बयान के मुताबिक मालदीव भारत के साथ अपने संबंधों को सबसे ज्यादा महत्व देगा.

हाल में भारत और मालदीव के बीच रिश्ते बिगड़ने की स्थिति में पहुंचते दिखे हैं. चीन के साथ मुक्त व्यापार समझौता कर उसने भारत की चिंताएं बढ़ा दी थीं. लेकिन, अब मालदीव के विदेश मंत्री ने भारत के सुरक्षा हितों को जोखिम में नहीं डालने का आश्वासन दिया है.

ईरान ने परमाणु समझौते में किसी भी बदलाव को मानने से इनकार किया | शनिवार, 13 जनवरी 2018

ईरान ने 2015 के परमाणु समझौते में किसी भी बदलाव को मानने से इनकार कर दिया है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘हम परमाणु समझौते में किसी भी बदलाव को स्वीकार नहीं करेंगे, चाहे वह आज हो या बाद में हो.’ ईरान ने यह भी कहा कि वह 2015 के इस परमाणु समझौते में किसी दूसरे मुद्दे को नहीं शामिल करने देगा.

ईरान का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस परमाणु समझौते को बनाए रखने के लिए इसे प्रमाणित करने के बाद इसमें बदलाव की मांग करने पर आया. इस समझौते के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को प्रत्येक 90 दिन पर यह प्रमाणित करना होता है कि ईरान इसकी शर्तों को मान रहा है. हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘यूरोपीय सहयोगियों को इस समझौते की विनाशकारी खामियों को दूर करने के लिए अमेरिका के साथ काम करना चाहिए, नहीं तो अमेरिका इससे अलग हो जाएगा.’