जर्मनी के तकनीक से जुड़े कुछ शोधकर्ताओं ने वाट्सएप में एक बड़ी खामी का खुलासा किया है. इनके मुताबिक इस खामी के चलते वाट्सएप के किसी ग्रुप में ग्रुप एडमिन की इजाजत के बिना ही किसी को भी जोड़ा जा सकता है.

हाल ही में इन शोधकर्ताओं ने स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में हुई एक टेक सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी है. शोधकर्ताओं के मुताबिक उनकी टीम ने अपने शोध में पाया है कि वाट्सएप द्वारा सुरक्षा के तौर पर जिस ‘एंड-टू-एंड इन्क्रिप्शन’ का इस्तेमाल किया जाता है वह ‘ग्रुप’ के मामले में प्रभावी नहीं है. इसमें कोई हैकर आसानी से सेंधमारी करके किसी भी ग्रुप को अपने हिसाब से मैनेज कर सकता है.

हालांकि, इन लोगों का यह भी कहना है कि ऐसा करने के लिए किसी को भी पहले वाट्सएप के सर्वर को हैक करना होगा, जो कि आसान काम नहीं लगता. इनके मुताबिक वाट्सएप के सर्वर को केवल कंपनी के कर्मचारी या बहुत ही चतुर हैकर्स के द्वारा ही कंट्रोल या हैक किया जा सकता है.

शोधकर्ताओं का यह भी कहना है कि उनके शोध का मकसद केवल ये बताना था कि अगर कोई वाट्सएप सर्वर को कंट्रोल कर लेता है तो ग्रुप की सिक्योरिटी में सेंधमारी करना सबसे आसान होगा क्योंकि कंपनी ने इसके लिए सुरक्षा के कोई विशेष इंतजाम नहीं किए हैं. हालांकि, वाट्सएप ने ‘ग्रुप चैट’ को हैक किए जाने की किसी भी संभावना से इंकार किया है.

अप्रैल 2016 में वाट्सएप में ‘एंड-टू-एंड इन्क्रिप्शन’ का फीचर जोड़ा गया था जिसका सम्बन्ध यूजर की प्राइवेसी और सुरक्षा से है. इससे एप में लोगों के बीच हुई बातचीत का ब्यौरा पूरी तरह से गोपनीय रहता है. यहां तक कि ऐप बनाने वाली कंपनी भी इस डेटा तक नहीं पहुंच सकती.

चीन से मदद मिलने के बाद अब नेपाल में भारत का इंटरनेट एकाधिकार खत्म

नेपाल में अपनी पहुंच बढ़ाने में लगे चीन को वहां एक और सफलता मिली है. शुक्रवार से नेपाल में चीन के इंटरनेट का इस्तेमाल शुरू हो गया है. नेपाल के सूचना एवं संचार मंत्री मोहन बहादुर बासनेत ने काठमांडू में इसकी जानकारी देते हुए बताया कि चीन द्वारा रसुवागढी सीमा के माध्यम से नेपाल में बिछाए गए ऑप्टिकल फाइबर लिंक का उद्घाटन कर दिया गया है और अब यह आम जनता के लिए उपलब्ध है.

नेपाल सरकार की कंपनी नेपाल टेलीकॉम से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक चीनी फाइबर लिंक द्वारा मिलने वाले इंटरनेट की प्रारंभिक स्पीड 1.5 जीबीपीएस होगी, जो कि भारत से मिलने वाली 25 जीबीपीएस स्पीड से कम है.

अब तक इंटरनेट के मामले में नेपाल केवल भारत पर ही निर्भर था, ऐसे में चीन की पहुंच के बाद इस मामले में उसकी भारत पर निर्भरता खत्म हो गई है. साल 2016 में तत्कालीन नेपाली प्रधानमंत्री केपी ओली ने चीन के साथ इस ऑप्टिकल फाइबर लिंक को लेकर समझौता किया था.

वाट्सएप के इस नए फीचर से अब आप सीधे वॉयस से वीडियो कॉल पर जा सकेंगे

लगभग हर महीने कोई नया फीचर देने वाला इंस्टेंट मैसेजिंग एप वाट्सएप अपने यूजर्स को जल्द ही एक नया फीचर देने जा रहा है. वाट्सएप के बीटा वर्जन के बारे में जानकारी देने वाली वेबसाइट ‘वाट्सऐप बीटाइंफो’ के अनुसार कंपनी ने हाल ही में एक फीचर लांच किया है जिसमें वॉयस कॉल के दौरान ही वीडियो कॉल पर स्विच किया जा सकता है. बीटाइंफो के मुताबिक अभी यह फीचर टेस्टिंग के मकसद से केवल वाट्सएप के बीटा वर्जन में ही जोड़ा गया है.

बीटाइंफो की रिपोर्ट के अनुसार इस फीचर्स के लिए एक बटन दिया गया है. अगर यूजर वॉयस कॉल के दौरान वीडियो कॉल पर स्विच करना चाहता है, तो उसे इस बटन पर क्लिक करना होगा. बटन पर क्लिक करते ही दूसरे व्यक्ति को एक मैसेज जाएगा जिसमें उससे पूछा जाएगा कि क्या वह वॉयस कॉल से वीडियो कॉल पर स्विच करना चाहता है? यदि दूसरा यूजर इस अनुरोध का जबाव ‘हां’ में देता है तो कॉल वॉयस से वीडियो पर स्विच हो जाएगी.

‘वाट्सएप बीटाइंफो’ ने एक और जानकारी भी दी है. उसके अनुसार वाट्सएप में जल्द ही यूजर्स को ग्रुप कॉल्स की सुविधा भी दी जाएगी. बताया जाता है कि पिछले दिनों कंपनी ने टेस्टिंग के लिए यह फीचर भी बीटा वर्जन में जोड़ दिया है. वर्तमान में वाट्सएप की मूल एप पर केवल वन-टू-वन कॉल की ही सुविधा उपलब्ध है.