‘राहुल गांधी को नकारात्मक राजनीति छोड़ देनी चाहिए.’

— आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ का यह बयान कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद राहुल गांधी की उत्तर प्रदेश के पहले दौरे को लेकर आया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को विकास की राजनीति पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए. मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने आगे कहा, ‘लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र अमेठी की दुर्दशा देखिए, जिसकी नेहरू गांधी परिवार के चार सदस्यों ने सेवा की है.’ राजनीति से प्रेरित 20 हजार मामलों को वापस लेने पर उन्होंने कहा कि यह काम विधानसभा में एक विधेयक लाकर बहुत पारदर्शिता से किया गया है, सपा सरकार की तरह नहीं है, जिसमें केवल यादव परिवार और पार्टी कार्यकर्ताओं से जुड़े मामले ही वापस लिए गए थे.

‘हर-हर मोदी, घर-घर मोदी वाले नरेंद्र मोदी जी इस बार अपने गुजरात में ही बेघर होते-होते बचे.’

— मायावती, बसपा प्रमुख

बसपा प्रमुख मायावती का यह बयान गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा को कम सीटें मिलने पर तंज करते हुए आया. भाजपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यह दोनों दल चोर-चोर मौसेरे भाई हैं. बसपा प्रमुख मायावती ने आगे कहा, ‘आजादी के बाद कांग्रेस और भाजपा ने हर वर्ग को नुकसान पहुंचाया है, हर राज्य में सांप्रदायिक माहौल बनाया जा रहा है.’ उन्होंने सरकारी कार्यालयों में डॉ बीआर अंबेडकर की तस्वीर लगाने के फैसले को भाजपा का नाटक बताया. इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर सवाल उठाते हुए बसपा प्रमुख ने बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की.


‘सुप्रीम कोर्ट में जजों के बीच सारा विवाद सुलझ गया है.’

— केके वेणुगोपाल, भारत के अटॉर्नी जनरल

अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल का यह बयान सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ जजों द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश की कार्यशैली पर सवाल उठाने से जन्मे विवाद को लेकर आया. उन्होंने कहा कि वे मुख्य न्यायाधीश सहित सभी न्यायाधीशों से मुलाकात कर चुके हैं. अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने बताया कि शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले सभी चारों वरिष्ठ जज सोमवार को अदालत आए और अपना काम किया. इस बीच बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी जजों के बीच विवाद सुलझने की बात कही है.


‘पाकिस्तान हमारी त्रासदी में जितना शामिल है, हम भी उसकी त्रासदी में उतना ही शामिल हैं. मामला एकतरफा नहीं हैं.’

— फारुक अब्दुल्ला, लोकसभा सांसद और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री

सांसद फारुक अब्दुल्ला का यह बयान भारत-पाकिस्तान के तनावपूर्ण संबंधों को लेकर आया. उन्होंने कहा, ‘हमारे पड़ोसी के पास अपनी नफरत है. वे (पाकिस्तान) सोचते हैं कि हमने बांग्लादेश का साथ देकर उसे बांटा था. उसे हमने नहीं बांटा था, वे अपनी इस त्रासदी के लिए खुद जिम्मेदार हैं.’ फारुक अब्दुल्ला ने आगे कहा, ‘पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के शब्दों में कहें तो दोस्त बदले जा सकते हैं, लेकिन पड़ोसी नहीं.’ लोकसभा सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भारत और पाकिस्तान के बीच बनी दूरियां को पाटने की भी अपील की.


‘एक देश (अमेरिका) जिसे हम अपना सहयोगी मानते हैं, वह हमारी सीमा पर आतंकी सेना बना रहा है.’

— रजब तैय्यब एर्दोआन, तुर्की के राष्ट्रपति

तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैय्यब एर्दोआन का यह बयान तुर्की सीमा पर अमेरिकी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना द्वारा वाईपीजी कुर्दों को ट्रेनिंग देने की घोषणा पर आया. उन्होंने कहा कि इस ‘आतंकी सेना’ का तुर्की को निशाना बनाने के अलावा और क्या काम? रजब तैय्यब एर्दोआन ने आगे कहा, ‘हमारा अभियान जन्म लेने से पहले ही इसे खत्म कर देना है.’ उन्होंने यह भी कहा कि तुर्की और आतंकी संगठनों के बीच सहयोगी देश न आएं, नहीं तो इसके अवांछित परिणामों के लिए तुर्की जिम्मेदार नहीं होगा. तुर्की के राष्ट्रपति का यह भी कहना था कि जब तक इस इलाके में एक भी आतंकी मौजूद रहेगा, उनकी सरकार का अभियान जारी रहेगा.