मोदी सरकार ने मंगलवार को हज यात्रा पर दी जाने वाली सब्सिडी खत्म कर दी है. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि यह फैसला ‘बगैर किसी तुष्टिकरण के अल्पसंख्यकों का सशक्तिकरण’ करने की केंद्र सरकार की नीति के तहत किया गया है. उन्होंने आगे कहा कि हज सब्सिडी के पैसे को अल्पसंख्यक समुदायों की लड़कियों और महिलाओं की शिक्षा पर खर्च किया जाएगा. इससे पहले साल 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को हज सब्सिडी 2022 तक खत्म करने का निर्देश दिया था.

अपने विस्तार के लिए पतंजलि का हाथ अब एमएनसी के साथ

देश में आर्थिक आजादी की बात करने वाली कंपनी पतंजलि अब अपने कारोबार में विस्तार के लिए बहुराष्ट्रीय कंपनियों (एमएनसी) के साथ हाथ मिला रही है. बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को पतंजलि ने अमेजन, पेटीएम मॉल, बिग बास्केट और ग्रोफर्स जैसी ई-बिजनेस कंपनियों के साथ समझौते किए. इससे पहले कंपनी के प्रमुख चेहरे योग गुरु रामदेव बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर देश को लूटने का आरोप लगाते रहे हैं. बताया जाता है कि पतंजलि ने इस साल के आखिर तक सबसे बड़ी एफएमसीजी कंपनी का तमगा हासिल करने का लक्ष्य तय किया है.

उत्तर प्रदेश : धर्म स्थलों पर बिना इजाजत लगे लाउडस्पीकरों को 20 जनवरी के बाद हटाने का आदेश

उत्तर प्रदेश की आदित्यनाथ सरकार ने सभी जिला अधिकारियों को धर्म स्थलों पर बिना इजाजत लगे लाउडस्पीकरों को तय समय के बाद हटाने के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है. दैनिक जागरण में छपी खबर के मुताबिक सरकार ने इसके लिए आखिरी तारीख 20 जनवरी तय की है. इससे पहले सरकार ने धार्मिक स्थलों के लिए लाउडस्पीकर बजाने के लिए अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया है. राज्य के प्रमुख गृह सचिव अरविंद कुमार के मुताबिक सार्वजनिक स्थलों पर लाउडस्पीकर से 10 डेसीबल से अधिक और निजी स्थानों पर पांच डेसीबल से अधिक ध्वनि प्रदूषण नहीं होना चाहिए. उधर, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इस आदेश को लेकर सरकार से जवाब-तलब किया है.

मणिपुर में सभी कथित फर्जी मुठभेड़ के मामलों की प्राथमिकी दर्ज न करने को लेकर सीबीआई-एसआईटी को सुप्रीम कोर्ट की फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर में सभी कथित फर्जी मुठभेड़ के मामलों की प्राथमिकी दर्ज न करने को लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष जांच दल (एसआईटी) को फटकार लगाई है. बीते साल जुलाई में शीर्ष अदालत ने एसआईटी को ऐसा करने का निर्देश दिया था. जनसत्ता में प्रकाशित खबर के मुताबिक भारतीय सेना, असम राइफल्स और पुलिस पर कई फर्जी मुठभेड़ों को अंजाम दिए जाने के आरोप हैं. इस बारे में शीर्ष अदालत ने एसआईटी को 30 जनवरी, 2018 तक 30 और प्राथमिकियां दर्ज करने का निर्देश दिया है. साथ ही, जिन 12 मामलों में अब तक प्राथमिकी दर्ज की गई है, इनकी जांच का काम 28 फरवरी, 2018 तक पूरा करने का निर्देश भी दिया गया है.

उत्तर प्रदेश : भगवानों के अपमान के आरोप में एक दलित युवक के साथ मारपीट

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में तीन लोगों द्वारा एक 27 वर्षीय दलित युवक को छड़ी से बेरहमी के साथ मारने की घटना सामने आई है. द इंडियन एक्सप्रेस ने सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के हवाले से कहा है कि मारपीट के दौरान दलित युवक से ‘जय माता दी’ का नारा बोलने के लिए कहा जा रहा था. इससे पहले पीड़ित पर भगवानों का अपमान करने का आरोप लगाया गया था. उधर, पुलिस ने इस बारे में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और आरोपितों की तलाश की जा रही है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी अनंत देव ने बताया है कि वे पीड़ित और उनके परिवार से बात कर रहे हैं. उनके मुताबिक आरोपितों का संबंध इलाके के गुर्जर समुदाय से है.

आज का कार्टून

विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया द्वारा पुलिस मुठभेड़ की बात कहने पर द हिंदू में प्रकाशित कार्टून :