अब तक माना जाता है कि तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता का निधन पांच दिसंबर 2016 को हुआ था. क्योंकि इसी दिन चेन्नई के अपोलो अस्पताल (यहां जयललिता का इलाज चल रहा था) ने उनके निधन की औपचारिक तौर पर पुष्टि की थी. लेकिन जयललिता की सहयोगी रहीं शशिकला नटराजन के भाई वी दिवाहरन ने अब इस ममले में एक नया दावा किया है. उनके मुताबिक़ जयललिता का निधन पांच नहीं बल्कि चार दिसंबर 2016 को हुआ था.

दिवाहरन तिरुवरूर के मन्नारगुड़ी (शशिकला का परिवार यहीं से ताल्लुक़ रखता है. यहां पूरा कामकाज़ दिवाहरन देखते हैं. उन्हें ‘मन्नारगुड़ी माफ़िया’ का बॉस भी कहा जाता है) में एक सभा को संबोधित कर रहे थे. द टाइम्स ऑफ इंडिया की ख़बर के अनुसार सभा में दिवाहरन ने बताया, ‘अम्मा (जयललिता) का निधन चार दिसंबर को ठीक शाम 5:15 पर हो गया था. मैं ख़ुद यह ख़बर मिलने पर उसी रात अस्पताल पहुंच गया था.’

दिवाहरन के मुताबिक़, ‘अम्मा को तब भी वेंटिलेटर पर रखा गया था. मैंने जब उनके बारे में रेड्‌डी (अपोलो अस्पताल के चेयरमैन डॉक्टर प्रताप सी रेड्‌डी) से पूछा तो उन्होंने मुझसे कहा कि पहले अस्पताल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए. इसके बाद वे यह घोषणा (जयललिता के निधन की) करेंगे.’ हालांकि दिवाहरन के इस दावे को अपोलो अस्पताल ने ही तुरंत ख़ारिज़ कर दिया. इस बाबत वहां से एक बयान जारी किया गया.

अस्पताल के बयान में कहा गया, ‘यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारी पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के निधन की तारीख़ और समय के बारे में अनावश्यक भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है. उनका निधन पांच दिसंबर 2016 को ही हुआ था.’ बताते चलें कि जयललिता की बीमारी और उनके निधन पर इससे पहले भी सवाल उठ चुके हैं. तमिलनाडु सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एक न्यायिक आयोग भी गठित किया है.