सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म ‘पद्मावत’ को सेंसर बोर्ड से मिली मंजूरी को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी. खबरों के मुताबिक चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय बेंच ने कहा, ‘अदालत को संवैधानिक अदालत के रूप में काम करना होगा. अदालत ने कल (गुरुवार) के अपने अंतरिम आदेश में कहा था कि राज्य सरकारें फिल्मों के प्रदर्शन पर रोक नहीं लगा सकती हैं.’

याचिकाकर्ता एमएल शर्मा ने अपनी जनहित याचिका में फिल्म ‘पद्मावत’ के रिलीज होने पर कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई गई थी. उन्होंने सिनेमेटोग्राफी एक्ट के प्रावधानों और अन्य आधारों पर इस फिल्म को सेंसर बोर्ड से मिली मंजूरी को रद्द करने की मांग की थी. इस पर चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की बेंच ने कहा, ‘कानून-व्यवस्था देखना हमारा काम नहीं है. यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है. याचिका को खारिज किया जाता है.’

गुरुवार को फिल्म ‘पद्मावत’ के निर्माताओं की याचिका पर सुनवाई करने के बाद शीर्ष अदालत ने कुछ राज्य सरकारों द्वारा इस लगाई गई रोक को हटा लिया था. फिल्म को लेकर राजपूतों के विरोध को देखते हुए राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और हरियाणा सरकारों ने इसे अपने यहां रिलीज न होने देने का फैसला किया था.