राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रविवार को चुनाव आयोग की सिफारिश पर मुहर लगाते हुए आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. इससे पहले 19 जनवरी को लाभ का पद मामले में आयोग ने इन विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया था. साथ ही, आयोग ने अपनी यह सिफारिश राष्‍ट्रपति को भेज दी थी. उधर, आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल राय ने राष्ट्रपति के इस फैसले पर कहा, ‘राष्ट्रपति ने हमारा पक्ष सुने बिना ही यह फैसला दिया है. पार्टी इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी. सभी कानूनी विकल्प खुले हैं, हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है.’

गुजरात : गाय पर्यटन परियोजना की शुरुआत

गुजरात में एशियाई शेरों के बाद अब पर्यटक गाय की ओर भी आकर्षित हों, इसके लिए तैयारी की जा रही है. द एशियन एज की रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात राज्य गौसेवा आयोग ने इसके लिए गाय पर्यटन परियोजना की शुरुआत की है. बताया जाता है कि इसके तहत पर्यटकों को गौशाला और चारागाह में दो दिनों की सैर कराई जाएगी. इस बारे में आयोग के अध्यक्ष वल्लभ कथीरिया ने बताया कि लोग गाय को पालने और गोमूत्र और गोबर से अन्य उत्पाद कैसे बनाए जाते हैं, इसे जानने में रूचि दिखाते हैं. वे आगे बताते हैं कि गाय पर्यटन लोगों को गाय पालने से होने वाले आर्थिक फायदों को समझाने की दिशा में एक पहल है.

यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म को लेकर केवल पुरुषों को ही दोषी मानने पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल

यौन उत्पीड़न और बलात्कार जैसे अपराध को लेकर केवल पुरुषों को ही दोषी मानने पर सवाल उठाया गया है. दैनिक जागरण में छपी खबर के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक याचिका में आईपीसी की धारा- 354 (छेड़खानी), 354-ए, बी, सी, डी (यौन उत्पीड़न) और 375 (दुष्कर्म) को पुरुषों के साथ भेदभाव करने वाला बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की गई है. इस याचिका में संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 (मूल अधिकार) में बराबरी के अधिकार को आधार बनाते हुए इन धाराओं की वैधानिकता को चुनौती दी गई है. बताया जाता है कि शीर्ष अदालत इस याचिका पर 19 मार्च को सुनवाई कर सकती है.

सीपीएम ने अगले आम चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन न करने का फैसला किया

सीपीएम ने 2019 के आम चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन न करने का फैसला किया है. अमर उजाला में छपी खबर के मुताबिक पश्चिम बंगाल के कोलकाता में पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक में मतदान के जरिए इस पर फैसला किया गया. इससे पहले पार्टी महासचिव सीताराम येचुरी ने धर्मनिरपेक्ष दलों को साथ लेकर एक वाम लोकतांत्रिक मोर्चा बनाने की बात कही थी. बताया जाता है कि कांग्रेस के साथ गठबंधन न करने को लेकर किए गए फैसले के बाद सीताराम येचुरी ने अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी. हालांकि, बाद में उन्हें अपने पद पर बने रहने के लिए राजी कर लिया गया.

सीबीआई ने 1993 से 2005 के बीच कोयला ब्लॉक आवंटन में अपनी जांच बंद की

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 1993 से 2005 के बीच हुए कोयला ब्लॉक आवंटन के मामले में अपनी जांच बंद कर दी है. जनसत्ता में प्रकाशित खबर के मुताबिक सीबीआई ने इस बारे में सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दे दी है. बताया जाता है कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने मुख्य सतर्कता आयुक्त (सीवीसी) की मंजूरी के बाद यह फैसा लिया है. इससे पहले इस मामले में सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट को अपनी रिपोर्ट में कहा था कि 1993 से 2005 के दौरान 21 कोयला ब्लॉक आवंटन के संबंध में 16 नियमित मामले दर्ज किए गए जिनमें से सात को लेकर अंतिम रिपोर्ट दायर की गई है. इनके अलावा बाकी मामलों पर काम किया जा रहा है. इससे पहले बीती 15 जनवरी को शीर्ष अदालत ने इस मामले में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की धीमी जांच पर नाखुशी जाहिर की थी.

आज का कार्टून

‘आप’ के 20 विधायकों को अयोग्य घोषित किए जाने पर द हिंदू में प्रकाशित आज का कार्टून :