‘अगर प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) लाल चौक पर तिरंगा फहराते तो हमें उन पर गर्व होता.’

— उद्धव ठाकरे, शिवसेना प्रमुख

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री खुद को पंत-प्रधान कहते हैं, लेकिन उनका काम केवल विदेश यात्रा करना है.’ उद्धव ठाकरे ने आगे कहा, ‘वे (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) इजराइल के प्रधानमंत्री को अहमदाबाद ले गए, श्रीनगर के लाल चौक क्यों नहीं? श्रीनगर में रोड शो क्यों नहीं किया?’ उन्होंने यह भी कहा कि शिवसेना की हिंदुत्व की परिभाषा भाजपा से अलग है, शिवसेना के लिए गोहत्या, गोहत्या है और आतंकवाद आतंकवाद. शिवसेना प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी ने बगैर किसी जातीय भेदभाव के मराठा समुदाय को एकजुट किया है.

‘सीपीआई(एम) चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए विपक्षी दलों से बात कर रही है.’

— सीताराम येचुरी, सीपीआई (एम) महासचिव

सीपीआई(एम) महासचिव सीताराम येचुरी का यह बयान सुप्रीम कोर्ट के चार जजों द्वारा चीफ जस्टिस की कार्यशैली पर उठाए गए सवालों को लेकर आया. उन्होंने कहा, ‘ऐसा लगता है कि विवाद अभी सुलझा नहीं है, इसलिए इसमें दखल देने की जरूरत है.’ सीताराम येचुरी ने आगे कहा कि चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है. उनके मुताबिक अगर न्यायपालिका में कुछ गलत है तो उसे सुधारना विधायिका की जिम्मेदारी है. उधर, रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि राजनीतिक दलों को सुप्रीम कोर्ट के आंतरिक विवाद से दूर रहना चाहिए.


किसी सिद्धांत को सही या गलत साबित करना वैज्ञानिकों का काम है.’

— प्रकाश जावड़ेकर, केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का यह बयान मानव संसाधन राज्यमंत्री सत्यपाल सिंह द्वारा डार्विन सिद्धांत को वैज्ञानिक रूप से गलत बताने पर आया. उन्होंने कहा, ‘मैंने राज्यमंत्री (सत्यपाल सिंह) से बात की है और उन्हें ऐसे बयान देने से बचने की सलाह दी है. हमें विज्ञान को कमजोर नहीं करना चाहिए.’ प्रकाश जावड़ेकर ने आगे कहा कि सरकार डार्विन के सिद्धांत को गलत साबित करने के लिए न तो किसी कार्यक्रम को पैसे देने जा रही है और न ही राष्ट्रीय स्तर पर कोई सेमिनार कराने की कोई योजना है. उनके मुताबिक सरकार की जिम्मेदारी वैज्ञानिकों को काम करने की आजादी देना है.


‘संरक्षणवाद को आतंकवाद या जलवायु परिवर्तन से कम खतरनाक नहीं माना जा सकता.’

— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ की नीति पर सवाल उठाते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘हम (भारत) हमेशा से वसुधैव कुटंबकम की बात करते हैं.’ दावोस में वर्ल्ड इकॉनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दुनिया एक दूसरे से जुड़ी है लेकिन वैश्वीकरण अपनी चमक खो रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि क्या दूसरे विश्व युद्ध के बाद बनीं वैश्विक संस्थाएं वास्तव में इंसानों की आकांक्षाओं और सपनों को पूरा करती हैं? प्रधानमंत्री के मुताबिक इन वैश्विक संस्थाओं और विकासशील देशों के बीच काफी दूरी है.


‘अर्थव्यवस्था में महिलाओं को पुरुषों के बराबर भागीदारी देने पर भारत की जीडीपी 27 फीसदी बढ़ सकती है.’

— क्रिस्टीन लेगार्ड, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की प्रमुख

आईएमएफ प्रमुख क्रिस्टीन लेगार्ड का यह बयान भारतीय अर्थव्यवस्था और कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की अपील करते हुए आया. उन्होंने कहा, ‘उम्मीद है कि भारत अपनी अर्थव्यवस्था में महिलाओं को शामिल करने पर ध्यान देगा.’ क्रिस्टीन लेगार्ड ने आगे कहा कि भारत को अपने आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाना चाहिए और वित्त सेवा क्षेत्र में सुधार पर विशेष ध्यान देना चाहिए. आईएमएफ ने मौजूदा वित्त वर्ष में भारत की विकास दर 7.4 फीसदी, जबकि 2019 में 7.8 फीसदी रहने का पूर्वानुमान किया है.